धौलाना तहसील परिसर में हंगामे के दौरान मौजूद लोग। संवाद
धौलाना। ग्राम समाज की भूमि पर कब्जाें की जांच कर रही टीमों को शनिवार को विरोध झेलना पड़ा। इससे प्रभावित लोग बड़ी संख्या में तहसील परिसर पहुंचकर हंगामा किया। लोगों ने विवादित भूमि पर पिछले 70 साल से स्वामित्व को आशियाने बनाये जाने की बात करते हुए नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
एसडीएम धौलाना रेनू सिंह ने बताया कि धौलाना निवासी ग्रामीण जगमोहन सिंह व अन्य लोगों की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी और तहसीलदार से शपथपत्र मांगा था। उन्हें स्पष्ट करना होगा कि विवादित खसरा संख्याएं किस श्रेणी में दर्ज हैं, इसकी अगली सुनवाई नौ सितंबर को होगी।
उन्होंने बताया कि कोर्ट के आदेश पर याचिका में चिन्हित तालाब, सड़क, शहीद पार्क, खेल का मैदान, खाद गड्ढा और कुम्हार गड्ढा जैसी सार्वजनिक भूमि की नापजोख के लिए 10 लेखपालों की टीम दो दिन से को सर्वे में जुटी है। इन भूमियों पर बसे लोग विरोध कर रहे हैं। धौलाना निवासी डॉ. सतेंद्र सिंह, अंकित गौतम व अतीत अहमद ने ग्रामीणों के साथ तहसील का घेराव करते हुए बताया कि याचिका में जिन खसरा नंबरों का जिक्र किया गया है। इन खसरा संख्याओं पर पिछले करीब 70 सालों से लगभग 300 मकान बने हुए हैं। मकानों के मालिकों के पास जमीन के कागजात मौजूद हैं। बिना पक्ष सुने नापतोल करना उचित नहीं। यदि प्रशासन ने दोबारा नापतोल की कोशिश की तो बड़े पैमाने पर विरोध होगा।