हापुड़। देहात थाना पुलिस ने 27 अगस्त को हुई ततारपुर निवासी मनवीर हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। मृतक के छोटे बेटे ने ही तीन किराये के हत्यारों से 12 लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या कराई थी। उसे डर था कि पिता अपनी जमीन किसी और नाम कर देंगे। इसी के कारण उसने गांव के ही दो लोगों व एक अन्य के साथ मिलकर हत्याकांड की साजिश रची।
आरोपियों ने शौच करने जा रहे मनवीर की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी और चेहरा ईंट से कुचलकर क्षत-विक्षत कर दिया। पुलिस ने सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
बुधवार सुबह कुछ लोगों ने देहात पुलिस को सूचना दी कि एक व्यक्ति का शव गांव ततारपुर निवासी नरेंद्र सिंह के खेत में पड़ा है। शव का चेहरा बुरी तरह क्षत विक्षत था। ऐसे में पुलिस आशंका व्यक्त कर रही थी कि जंगली जानवरों ने शव के चेहरे को नौंच दिया है।
शिनाख्त ततारपुर निवासी मनवीर सिंह उर्फ कालू (60) के रूप में हुई थी। पुलिस फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंची थी। शुरुआत में आशंका व्यक्त की जा रही थी कि चेहरा खराब करने के लिए किसी केमिकल का भी प्रयोग किया गया है। एसपी ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस दौरान घटना के समय के आसपास के सीसीटीवी भी खंगाले गए। पुलिस की जांच में मृतक के छोटे बेटे विशाल उर्फ सौरभ की भूमिका संदिग्ध लगी। उससे पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो पूरा मामला खुल गया।
एसपी ने बताया कि मनवीर सिंह सीतादेई में एक वैद्य के पास रहते थे और उसके बेटे के नाम अपनी जमीन करना चाहते थे। हालांकि उसने फिलहाल अपनी वसीयत भी अपने पौते पोतियों के नाम कर रखी थी। जमीन हाथ से जाने के डर से ट्रैक्टर-ट्राॅली चलाकर परिवार का पेट पालने वाले विशाल ने पिता की हत्या की साजिश रही। विशाल ने बताया कि उसके पिता उसकी पत्नी पर भी गलत नजर रखते थे।
12 लाख में हुआ सौदा, डेढ़ लाख दिए एडवांस : विशाल ने गांव के ही रहने वाले गुड्डू से पिता की हत्या के बारे में बात की। गुड्डू ने गांव के ही बाबू उर्फ विक्रांत और गगन पुत्र प्रेम सुंदर निवासी गांव पटना मुरादपुर को इस योजना में शामिल कर लिया। हत्या की सुपारी 12 लाख रुपये में तय हुई।
इसमें से डेढ़ लाख विशाल ने गुड्डू को दे दिए, तीनों ने आपस में बांट लिए। बाकी की रकम हत्या के बाद एक महीने के अंदर जमीन बेचकर देने का वादा हुआ। योजना के तहत 26 अगस्त की रात को हत्या करना तय हुआ। दरअसल, मनवीर सिंह रोज शाम को सात बजे के आसपास शौच करने के लिए जंगल में जाया करते थे। आरोपियों ने इसी समय उनकी हत्या की साजिश रही। जिसके बाद बाबू और गगन ने मौके पर पहुंचकर चाकू से गला रेत दिया। इसके बाद आरोपियों ने ईंट से सिर कुचल दिया। हत्या के बाद गनन ने गुड्डू को फोन कर हत्या करने की जानकारी दी।