हापुड़ के पिलखुवा में नगर के शैलेश फार्म स्थित प्लांट में बृहस्पतिवार को एसटीपी प्लांट निर्माण को लेकर लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि यह स्थान मृत बच्चों के दफनाने के लिए चिन्हित रहा है और वहां प्लांट का निर्माण कराया जा रहा है। ऐसे में इस प्लांट का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया।
नगर पालिका की ओर से यहां इस एसटीपी का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन निर्माण कार्य शुरू होने की जानकारी मिलते ही लोग मौके पर एकत्र हो गए और विरोध जताना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि यह भूमि लंबे समय से समुदाय की परंपराओं से जुड़ी रही है, इसलिए इसे पूर्व स्थिति में बहाल किया जाए। लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और जब तक वैकल्पिक व्यवस्था न हो, तब तक निर्माण रोकने की मांग रखी।
उधर, अधिशासी अधिकारी इंद्रपाल सिंह ने जल निगम का एसटीपी प्लांट पहले जीएस हॉस्पिटल के सामने प्रस्तावित था, लेकिन वहां बिजली के खंभों और तारों के कारण योजना बदली गई। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद शैलेश फार्म स्थित पालिका की चार दिवारी के भीतर प्लांट का कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित भूमि पहले से चार दिवारी के अंदर आती है और पिछले कई वर्षों में वहां किसी भी मृत बच्चे को दफनाए जाने का कोई रिकॉर्ड नहीं है।
विरोध करने वालों में मनोज तोमर, कपिल कुमार, नरेश, कुलदीप कश्यप, संदीप कश्यप, गौरव कश्यप, गौरव कुमार, अरुण उपाध्याय, हिमांशु, त्रिलोचन, मुन्नू कुमार, विकास कुमार, पिंटू तोमर, नितेश वर्मा और दुलीचंद कोरी मौजूद रहे।