हापुड़। उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) मेरठ की टीम ने शनिवार को नगर पालिका के जलकल विभाग के जेई कुंवरपाल को 2.30 लाख की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया। रिश्वत लेते समय जेई अपने सरकारी आवास पर मौजूद था। आरोप है कि जेई नलकूप संचालन के बिलों का सत्यापन करने के नाम ठेकेदार का उत्पीड़न कर रिश्वत मांग रहा था। मामले में विजिलेंस की कार्रवाई के बाद नगर पालिका में अफरातफरी का माहौल हो गया।
चौधरी सिक्योरिटी सर्विस एंड प्लेसमेंट के संचालक ने दो सितंबर को मेरठ की विजिलेंस टीम से शिकायत की। जहां ठेकेदार ने बताया कि उसके पास नगर पालिका के नलकूप संचालन का सितंबर माह तक का ठेका है। जुलाई माह के बिलों का 18.55 लाख का भुगतान 16 अगस्त को हुआ था। इसके बाद 21 और 30 अगस्त को जेई कुंवरपाल ने उसे नगर पालिका स्थित आवास पर बुलाया। जहां उससे जुलाई के बिलों से प्राप्त धनराशि में से कमीशन के दो लाख तीस हजार रुपये की मांग की गई। आरोप है कि मना करने पर जेई ने अगस्त के बिलों को सत्यापित न करने, फर्म के खिलाफ कार्रवाई कर ठेके को निरस्त करने और भविष्य में कोई ठेका न देने की धमकी दी। बार-बार रिश्वत की मांग करने पर पीड़ित ठेकेदार ने विजिलेंस मेरठ के अधिकारियों से शिकायत की। जिसके बाद एसपी मेरठ विजिलेंस इंदू सिद्धार्थ के नेतृत्व में आठ सदस्यीय टीम नगर पालिका पहुंची। दोपहर करीब एक बजे ठेकेदार विजिलेंस टीम के साथ नगर पालिका पहुंचे। जहां 2.30 लाख की रिश्वत लेते टीम ने जेई को गिरफ्तार किया और कोतवाली लाकर पूछताछ की गई।
18.55 लाख का किया भुगतान, 2.30 लाख मांगा कमीशन
नगर पालिका में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी मजबूत और ठेकों में बंदरबांट किस प्रकार होती है। इसका अंदाजा जेई के रिश्वत मांगने से ही समझा जा सकता है। करीब 12 प्रतिशत की रिश्वत भुगतान के बाद अकेले जेई ने मांगी थी। जानकारी के अनुसार ठेकेदार को 18.55 लाख का भुगतान किया गया, इसकी एवज में 2.30 लाख का कमीशन मांगा गया। हालांकि, इस टेंडर को लेकर बार-बार आरोप लगते हैं कि नलकूपों पर कर्मचारी मौजूद नहीं रहते हैं। जबकि, भुगतान सभी का हो रहा है।
रिश्वत लेने सरकारी आवास में गया था जेई
जल निगम के अवर अभियंता कुंवरपाल और सहायक अभियंता विकास दोपहर के समय अपने कार्यालय में ही मौजूद थे। ठेकेदार के पहुंचने पर दोनों उठकर सरकारी आवास में चले गए। जहां सहायक अभियंता दूसरे कमरे में जाकर कुछ कार्य करने लगे। जबकि, अवर अभियंता रिश्वत लेते हुए पहले कमरे में रंगे हाथ पकड़े गए। दोपहर को नगर पालिका में अधिक भीड़ रहती है। सभासदों के अलावा ठेकेदार और अन्य कर्मचारी यहां मौजूद रहते हैं। यहां से एसडीएम कार्यालय व महिला थाना को भी रास्ता जाता है। विजिलेंस टीम की कार्रवाई की भनक नगर पालिका के अधिकारियों व कर्मचारियों को बाद में हुई। जेई को गिरफ्तार करने के दौरान सभी कार्यालय से बाहर आ गए और गिरफ्तारी को लेकर शोर मच गया।
82 नलकूपों का संचालन करती है फर्म
नगर पालिका के शहर में करीब 82 नलकूप संचालित हैं। प्रत्येक नलकूप पर एक-एक ठेका का कर्मचारी लगाया गया है। जिनका कार्य दिन में कम से कम दो बार नलकूप का संचालन करना है। इन कर्मचारियों को नलकूप पर ही ड्यूटी देनी होती है। वर्ष 2018-19 के बाद से नगर पालिका इस टेंडर प्रक्रिया को पूरी न करके बार-बार ठेके की सीमा को बढ़ा रही है। पिछली बोर्ड बैठक में भी वर्ष 2018 की दरों पर ही एक जुलाई से 30 सितंबर के लिए 21.86 लाख रुपये प्रतिमाह के लिए टेंडर छोड़ा गया था।
कोट -
ठेकेदार की शिकायत पर नगर पालिका के जेई कुंवरपाल को ट्रैप करते हुए रिश्वत के साथ पकड़ा है। मामले में मुकदमा दर्ज कराते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
- इंदू सिद्धार्थ, एसपी विजिलेंस मेरठ
कोट -
विजिलेंस की कार्रवाई की जानकारी मिली है। लिखित में जानकारी मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - मनाेज कुमार, ईओ व डिप्टी कलक्टर