अयोध्यापुरी चौकी प्रभारी रमेशचंद गौतम ने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि बुधवार को वह अपनी टीम के साथ क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम करने के लिए ड्यूटी कर रहे थे। इसी बीच देवनंदनी अस्पताल में मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात उनके संज्ञान में आई। जिसके बाद वे टीम के साथ देवनंदनी अस्पताल में पहुंचे थे।
यहां जानकारी करने पर उन्हें पता चला कि मंगलवार की शाम अस्पताल में वसीम निवासी गांव उपैड़ा व अस्पताल के कुछ कर्मचारियों ने महिला मरीज अलीमन का उपचार कराने के लेकर आपस में मारपीट व दंगा किया था। इतना ही नहीं झगड़े में दोनों पक्षों ने एक दूसरे को गाली गलौज व जान से मारने की धमकी भी दी थी। इस दौरान अस्पताल में लगा एक शीशा भी टूटकर यहां खड़े एक व्यक्ति को जाकर लगा था।
सीओ जितेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि अयोध्यापुरी चौकी प्रभारी की तहरीर पर तीमारदार वसीम व देवनंदनी अस्पताल के कुछ कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। वायरल वीडियो की जांच कराई जा रही है, जिसमें अस्पताल कर्मी महिलाओं और अन्य तीमारदारों की पिटाई करते नजर आ रहे हैं। इन सभी की जांच कर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
हंगामे के बाद बेकाबू हो गया अस्पताल का स्टाफ, महिलाओं को भी नहीं बख्शा
अस्पताल में मरीज के मृत होने की गलतफहमी के बाद महिलाओं ने हंगामा शुरू कर दिया था। गर्मागर्मी के दौरान अस्पताल का स्टाफ चाहता तो मामले में शांत रहकर मामले को निपटा सकता था, लेकिन पुलिस की जांच और सीसीटीवी की जांच के अनुसार स्टाफ ने बेकाबू होकर अस्पताल में मौजूद लोहे के सिलेंडर स्टैंड व अन्य लोहे की वस्तुओं से महिलाओं और तीमारदारों को जमकर पीटना शुरू कर दिया।