हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर के खादर इलाके के गांव रेते वाली मढैया में देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जंगल से भटक कर आए एक तेंदुए ने गांव के पास खेतों में नीलगाय पर हमला कर दिया। तेंदुए के हमले में नीलगाय गंभीर रूप से घायल हो गई।
इसी दौरान खेतों की ओर जा रहे अनुज पर भी तेंदुए ने हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया। घायल किसान को परिजनों द्वारा उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ देर रात गांव के आसपास काफी देर तक घूमता रहा, जिससे लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके। हमले की सूचना तत्काल वन विभाग को दी गई, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि 12 घंटे बीत जाने के बाद भी वन विभाग की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची।
इससे ग्रामीणों में रोष के साथ-साथ भय और बढ़ गया है। तेंदुए की मौजूदगी के चलते ग्रामीण खेतों पर जाने से कतरा रहे हैं। कई किसानों ने अपनी फसलें ऐसे ही छोड़ दी हैं, जबकि बच्चों और महिलाओं को घर से बाहर निकलने से मना कर दिया गया है।
दहशत के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों के लिए रास्ता बदलकर चलने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से जल्द से जल्द तेंदुए को पकड़ने और गांव में पिंजरा लगवाने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी भी समय जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
वन रेंजर करन सिंह का कहना है की टीम को भेजकर जांच कराई जा रही है, लगातार गस्त कराकर तेंदुओं को पकड़ने की तलाश जारी है।