हापुड़/धौलाना। शासन ने अल्पसंख्यक विभाग के करीब 52 करोड़ रुपये के छह विकास कार्यों को हरी झंडी दी है। इसमें धौलाना व घुंघराला में खेल स्टेडियम, गांव घुंघराला में सीएचसी, धौलाना व पिलखुवा में ऑडिटोरियम और हापुड़ के मोहल्ला फूलगढ़ी में बरात घर का निर्माण होगा। सभी कार्यों की डीपीआर बनाकर आगामी दो दिनों में शासन को भेजी जाएगी।
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत सालों बाद अल्पसंख्यक विभागों के कार्यों को हरी झंडी मिली है। योजना के तहत शासन ने कम से कम एक करोड़ रुपये के विभिन्न वर्गों में प्रस्ताव मांगे थे। इस पर कई विभागों से प्रस्ताव लिए गए थे। करीब 66 करोड़ रुपये के 11 प्रस्ताव जिले से भेजे गए थे। अब इन प्रस्तावों को शासन स्तर से हरी झंडी मिली है।
जिला अल्पसंख्यक विभाग के अनुसार, गांव धौलाना में युवा कल्याण विभाग की ओर से 25 करोड़ व गांव घुंघराला में 4.50 करोड़ रुपये से खेल स्टेडियम, गांव घुंघराला में ही 11.95 करोड़ रुपये से स्वास्थ्य विभाग की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, हापुड़ नगर पालिका क्षेत्र में वार्ड नंबर 17 के मोहल्ला फूलगढ़ी में दो करोड़ रुपये से बारात घर, धौलाना में पांच करोड़ रुपये और पिलखुवा एनपीपी सभागार में 6.38 करोड़ रुपये से ऑडिटोरियम बनाया जाएगा। कार्यों का प्रस्ताव संबंधित विभागों ने दिया है। वहीं, अल्पसंख्यक विभाग इनका निर्माण कराएगा।
मामले में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुनीता मंदार ने बताया कि छह विकास कार्यों को शासन से स्वीकृति मिल गई है। सभी कार्यों की डीपीआर बनाकर इसी सप्ताह में भेजी जाएगी।
दो दिन में देनी होगी डीपीआर
परियोजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर कार्यदायी संस्था नामित करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इन्हें दो दिन के अंदर डीपीआर बनाकर सौंपनी होगी। ग्राम धौलाना में ब्लॉक स्तरीय आधुनिक ग्रामीण खेल स्टेडियम के निर्माण के लिए करीब चार हेक्टेयर भूमि पहले से आरक्षित है। वर्षों से लंबित इस मांग के पूरी होने से क्षेत्र के खिलाड़ियों में उत्साह का माहौल है।
धौलाना ब्लॉक प्रमुख निशांत सिसोदिया ने बताया कि खेल स्टेडियम से ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। हापुड़ सदर विधायक विजयपाल आढ़ती ने बताया कि हापुड़ में बारात घर, खेल स्टेडियम और सीएचसी बनने से हजारों लोग लाभांवित होंगे। ग्रामीणों की इन मांगों को सरकार ने पूरा किया है।
अल्पसंख्यकों के जीवन में होगा सुधार
जिन गांवों और शहर के वार्डों में 25 प्रतिशत से अधिक अल्पसंख्यक आबादी है। उन गांवों में यह निर्माण कराए जाएंगे। शासन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और खिलाड़ियों को स्थानीय स्तर पर आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। स्टेडियम में क्षेत्र की आवश्यकता के अनुरूप विभिन्न खेलों की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। जिससे ग्रामीण प्रतिभाओं को राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जा सके।