हापुड़। कृषि संबंधित विभिन्न समस्याओं को लेकर विकास भवन सभागार पहुंचे किसानों और जिला कृषि अधिकारी में तीखी नोकझोंक हो गई। यहां तक की अधिकारी ने आत्मदाह कर लेने की चेतावनी देते हुए धरने की भी बात कह दी। इसके विरोध में किसानों ने धरना दिया, हालांकि देर शाम दोनों ओर से गलतफहमी के चलते बने विवाद को समाप्त कर लिया गया।
भाकियू टिकैत युवा के जिलाध्यक्ष ज्ञानेश्वर त्यागी के नेतृत्व में किसान जिला कृषि अधिकारी पहुंचे। किसानों की संख्या अधिक थी, इसलिए विकास भवन के सभागार में बैठक रखी गई। जिला कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश किसानों के बीच पहुंचे। किसानों ने फार्मर रजिस्ट्री, एक कंपनी के उत्पाद से खराब फसल का मुआवजा दिलाने समेत कई समस्याओं को उठाया।
मांग पत्र देने की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही किसानों और अधिकारी में विवाद बढ़ गया। किसानों ने 25 जुलाई तक समस्याओं का निस्तारण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस पर जिला कृषि अधिकारी भी आवेश में आ गए और उन्होंने आत्मदाह तक कर लेने की बात कह दी। साथ ही किसानों के साथ ही धरना देने की भी बात कही, इस पर संगठन में आक्रोश पनप गया।
नारेबाजी करते हुए किसानों ने जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना जमा दिया। देर शाम तक किसान धरने पर डटे रहे, हालांकि बाद में दोनों पक्षों ने गलतफहमी के चलते बने विवाद को समाप्त कर लिया। एक दूसरे को सहयोग देने का बात कहते हुए ज्ञापन भी सौंपा गया।
इस मौके पर ज्ञानेश्वर त्यागी, नवीन त्यागी, अंकित, सचिन, रोहित, जीतू सिंह, अय्यूब प्रधान, गजेंद्र सिंह, ललित शर्मा, सूफी, कुंवर सैन आदि मौजूद रहे।
विकास भवन में कृषि अधिकारी व भाकियू के युवा के जिला अध्यक्ष में होती नोकझोंख। स्रोत वीडियो ग्रै
विकास भवन में कृषि अधिकारी व भाकियू के युवा के जिला अध्यक्ष में होती नोकझोंख। स्रोत वीडियो ग्रै
विकास भवन में कृषि अधिकारी व भाकियू के युवा के जिला अध्यक्ष में होती नोकझोंख। स्रोत वीडियो ग्रै