हापुड़। धौलाना के दो मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार को मरीजों के घरों के आसपास बुखार के अन्य मरीजों के भी नमूने जुटाए गए हैं। वहीं, डेंगू के भी अब तक नौ मामले सामने आ चुके हैं।
बरसात के मौसम में मच्छरजनित रोगों का खतरा बढ़ रहा है। शहर और गांवों में लार्वा पनपने के मामले सामने आने लगे हैं। इसके कारण बुखार को भी प्रकोप बढ़ने लगा है। सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। धौलाना में बुखार से पीड़ित दो मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। इन मरीजों के घरों के आसपास मिले बुखार के संदिग्ध मरीजों के नमूने भी जांच के लिए जुटाए गए हैं। साथ ही जगह-जगह लार्वा भी नष्ट कराया जा रहा है। सीएमओ डॉ. सुनील त्यागी ने लोगों से अपील की है कि बुखार, सिरदर्द, ठंड लगना या कमजोरी जैसे लक्षण दिखते ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर जांच करवाएं। साथ ही मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए आसपास पानी जमा न होने दें। उन्होंने बताया कि जिले में अभी तक डेंगू को भी नौै मरीज मिल चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम को सतर्क किया गया है कि जहां भी मलेरिया, डेंगू के मरीज मिल रहे हैं, वहां घर-घर जाकर जांच करें। बीमार मरीजों का प्राथमिकता पर उपचार करें।
गले के संक्रमण के बढ़े मरीज
जिला अस्पताल की ईएनटी चिकित्सक डॉ. मोहिनी सिंह ने बताया कि उनकी ओपीडी में गले की खराश, कान संक्रमण के मरीज अधिक पहुंच रहे हैं। पहले मरीजों की संख्या 15 से 20 रहती थी, अब पिछले चार दिन से यह संख्या दोगुना हो गई है। साइनस के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है।