गढ़मुक्तेश्वर/सिंभावली। यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाने के फैसले को लेकर गढ़मुक्तेश्वर, ब्रजघाट, बहादुरगढ़ और सिंभावली समेत जिलेभर के व्यापारियों में आक्रोश है। जिला उद्योग व्यापार मंडल की बैठक में व्यापारियों ने सरकार के निर्णय को जनविरोधी और अन्यायपूर्ण बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण पहले से आर्थिक दबाव झेल रहे छोटे और मध्यम कारोबारियों का और शोषण होगा।
बृहस्पतिवार को जिला उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश के वरिष्ठ प्रांतीय उपाध्यक्ष जितेंद्र गोयल के आवास पर बैठक हुई। इसमें विभिन्न व्यापारिक समस्याओं के साथ यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। पदाधिकारियों ने फैसले की कड़ी निंदा करते हुए सरकार से पुनर्विचार की मांग की।
जिलाध्यक्ष जितेंद्र गोयल ने कहा कि छोटे, मध्यम और खुदरा व्यापारी पहले ही मंदी और बढ़ती कारोबारी चुनौतियों से परेशान हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगाया गया तो इसका सीधा असर व्यापारियों और ग्राहकों दोनों पर पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले डिजिटल इंडिया के नाम पर डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा दिया और अब शुल्क लगाने की नीति से व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि व्यापारी समाज इस फैसले का हर स्तर पर विरोध करेगा और सरकार को इसे वापस लेना चाहिए।
बैठक में अनिल तोमर, संतोष गोयल, विमल गर्ग, अमित सिंघल, संजय कंसल, देवेंद्र शर्मा, सुरेंद्र कवाड़ी, संजीव गोयल, अनुपम अग्रवाल, बुद्ध प्रकाश यादव, संदीप, उमेश, विजय और यशवर्धन गोयल समेत अन्य व्यापारी नेता मौजूद रहे।