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Hapur News: गुड़ की गाड़ियों को रोककर गलत जुर्माना लगाने से व्यापारियों में आक्रोश

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एसडीएम को ज्ञापन देते व्यापारी।  - फोटो : संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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हापुड़। पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त व्यापार मंडल ने जीएसटी अधिकारियों पर व्यापारियों के गुड़ की गाड़ियों को रोककर अवैध तरीके से जुर्माना लगाने के विरोध में प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने एसडीएम को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को संबोधित ज्ञापन सौंपा।

जिलाध्यक्ष प्रदीप गर्ग ने कहा कि एशिया में पश्चिमी उत्तर प्रदेश गुड़ उत्पादन का सबसे बड़ा क्षेत्र है। यहां का गुड़ बहुत मशहूर है। यहां के गुण की मांग देश-विदेश तक है। यहां किसान कोल्हू से गन्ने के रस से गुड़ का बनाते हैं और उस गुड़ को मंडी में बेचने के लिए बाल्टी, गत्ते के डिब्बों में रखकर ले जाते हैं। व्यापारी कृषि उत्पादन बाजार समिति के लाइसेंस के अंतर्गत पक्का बिल काटकर किसान के गुड़ के डिब्बों को प्रदेश के अन्य राज्य गुजरात, असम, बिहार, बंगाल आदि राज्यों के व्यापारियों को भेज देते हैं लेकिन, रास्ते में जीएसटी अधिकारियों द्वारा गुड़ की गाड़ियों को रोका जाता है और जबरन टैक्स बताकर दो लाख से भी अधिक का जुर्माना लगाया जाता है, जबकि, खुला गुड़ टैक्स की श्रेणी में अब नहीं आता है। जिला उपाध्यक्ष एवं गुड़ गल्ला के महामंत्री अमित गोयल ने कहा कि पिछले साल जीएसटी काउंसिल की बैठक में जीएसटी दरों में संशोधन किया गया था कि यदि गुड़ को खुले में बेचा जाता है तो गुड़ पर जीएसटी दर को 18 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया गया है और अगर इसे पैक करके लेबल किया जाता है तो इस पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगेगा। संशोधित जीएसटी दरें एक मार्च 2023 से लागू की गई थी लेकिन, अधिकारी आदेशों को नजरअंदाज कर बेवजह व्यापारियों की गाड़ियों को रोक रहे हैं।
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इस दौरान संरक्षक महेंद्र शर्मा, राजेंद्र कुमार, संजय डाबर, अमित गोयल, अंकुर गोयल, मनीष सिंघल, मोहित गर्ग, राजेश नारंग, गोविंद कुलभूषण, आयुष अग्रवाल, यशपाल तनेजा, विनोद थापर, आसिफ, ऋषभ गर्ग आदि मौजूद रहे।
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