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आज मुश्किल भरा रहेगा, 25 हजार यात्रियों का सफर

Thu, 01 Sep 2016 08:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
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उत्तर प्रदेश परिवहन - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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हापुड़ डिपो की बसों से सफर करने वाले 25 हजार यात्रियों का शुक्रवार को सफर मुश्किल भरा रहेगा। 10 सूत्रीय मांगों को लेकर रोडवेज इंपलाईज यूनियन के आह्वान पर रोडवेज कर्मी बसों का चक्का जाम रखेंगे। ऐसे में यात्री अपने वाहन या वैकल्पिक साधनों का इंतजाम कर लें।
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एआरएम कर्मियों के साथ आपसी तालमेल कर व्यवस्था बनवाने का दावा कर रहे हैं। यूपी रोडवेज इंपलाईज यूनियन के शाखा मंत्री सतीश चंद शर्मा ने बताया कि संगठन सरकार से बीते कई वर्ष से रोड ट्रांसपोर्ट सेफ्टी बिल 2016 तत्काल समाप्त कराने।

श्रम कानूनों में संशोधन कर श्रमिकों को क्षति पहुंचाने वाली समस्त कार्रवाई समाप्त की जाए, पक्के मार्गों का शत प्रतिशत राष्ट्रीयकृत किया जाए, मानक के अनुसार समस्त श्रमिक संवर्ग में नियमित नियुक्ति की जाए समेत 10 मांगों के निस्तारण की आवाज उठा रहे है।
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आश्वासन के बावजूद इनको स्वीकार नहीं किया गया है। इसके विरोध में रोडवेज बृहस्पतिवार रात 12 बजे से बसों का चक्का जाम करेगा। बता दें कि हापुड़ डिपो से विभिन्न मांर्गों पर 105 बसों का संचालन होता है। इन बसों में रोजाना औसतन 25 हजार यात्री सफर करते हैं।

ऐसे में बसों का चक्का जाम होने से यात्रियों को सफर में बेहद परेशानी होगी। हालांकि एआरएम कर्मचारियों के साथ आपसी तालमेल कर बसों के संचालन की व्यवस्था बनाने का दावा कर रहे हैं।

रोडवेज बसों के चक्का जाम से डग्गामार वाहन संचालकों की बल्ले बल्ले रहेगी। रोडवेज बसों का संचालन न होने से यात्रियों के सफर का एक मात्र सहारा यही डग्गामार वाहन रहेंगे। इसका लाभ उठाकर डग्गामार वाहनों के संचालन यात्रियों से मनमाना किराया वसूलेंगे।

रोडवेज बसों का चक्का जाम होने से यात्रियों पर दोहरी आफत आयेगी। एक ओर जहां उन्हें डग्गामार वाहनों का मन चाहा किराया देना पड़ेगा, वहीं उन्हें वाहन में बैठने के लिए जगह मिल पायेगी या नहीं इसकी कोई गारंटी नहीं होगी।

इतना ही नहीं सफर के दौरान यात्रियों की जान जोखिम में रहेगी, क्योंकि बसों का संचालन बंद होने से डग्गामार वाहनों में सवारियां भेड़ बकरियों की तरह भरी जायेंगी।

शुक्रवार को यात्री अधिक समान लेकर न चले, क्योंकि रोडवेज बसों का चक्का जाम होने से उन्हें सफर में परेशानी हो सकती है। इतना ही नहीं डग्गामार वाहनों के संचालक अधिक सामान देख यात्रियों को बैठाने से मना कर सकते हैं।

शुक्रवार को बसों की किल्लत के चलते आपको अपनी जेब का भी खास ध्यान रखना होगा। अधिक भीड़ का लाभ उठाकर जेब कतरे व मोबाइल उड़ाने वाले गिरोह के सदस्य सक्रिय रहेंगे। वहीं छोटे बच्चों व बुजुर्गों के साथ शुक्रवार को सफर न करना फायदेमंद रहेगा।

रोडवेज बसों की हड़ताल के कारण यात्रियों की भारी भीड़ ट्रेन में सफर करेगी। ऐसे में ट्रेन में चढने के लिए यात्रियों में काफी मारामारी रहेगी।

सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक एनपी सिंह का कहना है कि बसों के चक्का जाम से यात्रियों को परेशानी न हो इसका पूरा प्रयास कर रहे हैं। कर्मियों के साथ तालमेल कर बसों का संचालन कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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