हापुड़ विधानसभा सीट पर कांग्रेस से पांच बार के विधायक गजराज सिंह, गढ़ सीट पर सपा के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मदन चौहान व धौलाना सीट पर सपा के धर्मेश तोमर काबिज थे।
चुनाव से पहले सपा और कांग्रेस में हुए गठबंधन के बाद तीनों ही सीटों पर इनके प्रत्याशी को और मजबूत माना जा रहा था। हापुड़ सीट पर चुनावी पंडित गजराज सिंह की जीत पक्की मानकर चल रहे थे।
वहीं, धौलाना और गढ़ में भी गठबंधन के विधायक प्रत्याशी प्रबल दावेदार थे। जैसे जैसे प्रचार शुरू हुआ चुनावी समीकरण बिगड़ते चले गए। इन सभी को अपनी सीट बचाना एक बड़ी चुनौती माना जाने लगा।
कहीं बागियों ने टांग खींची तो कहीं हिंदू मुस्लिम समीकरण इन पर भारी पड़ा। हालांकि, मतदान तक सभी ने अपने अपने गढ़ को बचाने का पूरा किया।
शनिवार को ईवीएम खुलने के बाद जो परिणाम सामने आए उससे यह साबित हो गया कि जनता के फैसले के आगे बड़े-बड़े सूरमाओं के किले कब ध्वस्त हो जाएं कहा नहीं जा सकता।