गढ़ क्षेत्र के दो गांवों में बृहस्पतिवार को कैंसर और हेपेटाइटिस सी-बी ने एक महिला समेत तीन लोगों की जान ले ली। कैंसर से एक साथ तीन लोगों की मौत होने से ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीण देहात क्षेत्र के दूषित पानी को कैंसर और हेपेटाइटिस होने को वजह मान रहा है।
बृहस्पतिवार को गढ़ क्षेत्र के अठसैनी गांव में कैंसर से रफीक खां (30), नौबहार (35) और बदरखा गांव में किसान तसव्वर की पत्नी नौसाबा (45) की मौत हो गई। इन लोगों का इलाज मेरठ, गाजियाबाद और दिल्ली के अस्पतालों में चल रहा था।
वहीं एक माह में हेपेटाइटिस सी और कैंसर से आठ लोगों जान जा चुकी हैं। कैंसर से हो रही मौतों के कारण लोगों में दहशत है। गंगा के पूठ और खादर के कई गांवों का पानी बेहद दूषित है। लोग इस खराब पानी को ही कैंसर फैलने का मुख्य कारण मान रहे हैं।
सेहल, भद्स्याना, आलमनगर, चांदनेर, जखैड़ा रहमतपुर, पलवाड़ा, पसवाड़ा, मुहम्मदपुर, रहरवा, क्रियावली, शकराटीला, भैना, सदरपुर, लहडरा, हशूपुर, वैट, फुलड़ी, दरियापुर, बलवापुर, पूठ, सलोनी, बक्सर शामिल हैं।
भले ही शासन स्तर से दूरस्थ ग्रामीण अंचल में बसे गांवों में बेहतर चिकित्सा सेवा मुहैया कराने की योजना चलाई है। इसके बाद भी दूषित भूजल वाले अधिकांश गांवों में अभी तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और पानी की टंकी तक नहीं हैं। इससे लोग खराब पानी पीकर बीमार हो रहे हैं।
हेपेटाइटिस बी और सी से होने वाले कैंसर की रोकथाम के लिए भूजल के नमूने जांच को भेजे जाएंगे। गांवों में कैंप लगाएं जाएंगे। - डॉ. एके सिंह