रमजान के तीसरे जुमे की नमाज शुक्रवार को यहां की सभी मस्जिदों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदा की गई। इस दौरान देश में अमन शांति की दुआ के लिए हजारों हाथ उठे। उधर, गढमुक्तेश्वर में मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा की गई।
शुक्रवार को मस्जिदों में जुमे की नमाज पढ़ने के लिए बड़ों के साथ-साथ काफी संख्या में बच्चे भी पहुंचे।
रमजान माह में छोटे-छोटे बच्चों ने भी रोजा रखा। नमाज जुमा से पहले मस्जिद सराय बशारत अली में मुफ्ती मोहम्मद खालिद कासमी ने अपनी तकरीर में कहा जिन लोगों पर जकात फर्ज है अगर वो सही हिसाब लगाकर जकात निकाले तो बहुत जल्द देश से गरीबी खत्म हो जाएगी।
शाही जामा मस्जिद में कारी मोहम्मद आसिम ने अपनी तकरीर में कहा कि रमजान उल मुबारक का दूसरा अशराह शुरू हो चुका है। यह अशराह मगफिरत का अशराह है। इस अशराह में हमें मगफिरत की दुआ करनी चाहिए। साथ ही इस अशराह के आखिर से शबे कदर की रातें भी शुरू हो जाती है।
मस्जिद नूरबफान गंज में शहर काजी कारी मोहम्मद असगर कासमी ने कहा कि हर साहिबे निसाब को जकात देनी चाहिए, ताकि गरीबों का भला हो सके। उन्होंने कहा कि जकात हिसाब लगाकर देनी चाहिए,
जो लोग जकात हिसाब लगाकर नहीं देते उन लोगों की जकात अदा नहीं होती। उधर, जुमे की नमाज को लेकर पुलिस की मोबाइल गाड़ी और लेपर्ड गश्त पर रहीं। मिश्रित आबादी वाले इलाकों में विशेष चौकसी रखी गई। पुलिस प्रशासन के अफसर भी निगाह रखे हुए थे।
उधर, गढ़मुक्तेश्वर में अकीदतमंदों ने नमाज अदा कर अमनचैन, देश की खुशहाली, भाईचारे की मजबूती, बीमारियों से निजात के लिए दुआ की। नगर की इमलियान मस्जिद में शहर काजी हाजी सैयद कसीमुद्दीन, चौपला मस्जिद में हाफिज मुहम्मद अली,
फतेहपुरी मस्जिद में कारी जुल्फिकार, मदरसा मस्जिद में मौलाना अमीरुल हक, मीरा मजार मस्जिद में कारी महताब ने नमाज अदा कराई।
इस दौरान शहर काजी मौलाना हाजी सैयद कसीमुद्दीन ने रमजान माह के तीसरे असरे की फजीलत के साथ ही तरावीह की नमाज, कुरान शरीफ की तिलावत, गरीब-निराश्रितों को खैरात, जकात, सदका और फितरा अदा करने की अहमियत बताई।