सरकारी तालाबों पर कब्जा करने वालों की अब खैर नहीं होगी, क्योंकि शासन के निर्देश पर तहसील प्रशासन ने नोटिस भेजने की कवायद चालू कर दी है। अपेक्षित स्तर पर जल संचय न होने से शहरों-कस्बों के साथ ही देहात के भूजल स्तर में गिरावट आ रही है।
जिसके मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने तालाबों समेत सभी जलाशयों को उनका असल आकार दिलाने का कड़ा आदेश दिया है। जिसके अनुपालन में प्रदेश शासन ने तालाबों समेत सरकारी जलाशयों को अविलंब कब्जा मुक्त कराने का कड़ा निर्देश दिया है।
जिसके तहत तहसील प्रशासन भी जागरूक हो गया है। अफसरों ने गांवों में स्थित सरकारी तालाबों की मौजूदा स्थिति समेत उनके पुराने स्वरूप की कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है। तालाबों पर कब्जा करने वालों को नोटिस भेजे जा रहे हैं।
इसके बाद भी अवैध कब्जे नहीं हट पाए तो संबंधित लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी। एसडीएम आरएन पांडेय ने बताया कि सरकारी तालाबों पर हो रहे अवैध कब्जों को हटवाने की कवायद के तहत अब तक सैकड़ों लोगों को नोटिस भिजवाए जा चुके हैं।