गांव नान में डेयरी से घी व पनीर का नूमना लेती खाद्य विभाग की टीम।स्रोत: विभाग
हापुड़। गढ़मुक्तेश्वर में बृहस्पतिवार को छापे के दौरान जब्त किए गए माइल्ड फैट घी के मामले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने खुलासा किया है। आरोपी देसी घी का एसेंस इस्तेमाल कर वेजिटेबल फैट को देसी घी के रूप में बाजार में सप्लाई कर रहे थे।
साथ ही वेजिटेबल फैट के एक लाइसेंस पर पिता-पुत्र के दो अलग-अलग स्थानों पर फैक्टरी का संचालन कर रहे थे। विभाग ने मौके से 752 लीटर कुकिंग मीडियम जब्त कर तीन नमूने जांच के लिए भेजे थे। 22 अक्तूबर को सहायक आयुक्त द्वितीय चंद्रशेखर मिश्र के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने गढ़मुक्तेश्वर में शिव फूड प्रोडक्ट्स के प्रतिष्ठान पर यह कार्रवाई की थी।
टीम ने यहां से पैकिंग वेजिटेबल फैट के दो और एक खुले तैयार पदार्थ समेत तीन नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे थे। जांच में सामने आया कि यहां मधुर आनंद और न्यू आनंद दो अलग-अलग नाम से वेजिटेबल फैट को पैक किया जा रहा था।
कुकिंग मीडियम (वेजिटेबल फैट) में देसी घी की महक और स्वाद वाला एसेंस मिलाया जा रहा था। यहां से 752 लीटर कुकिंग मीडियम बरामद कर उसे कारोबारी की अभिरक्षा में दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है। एक लाइसेंस पर दो प्रतिष्ठान संचालन पर भी कार्रवाई होगी।
शुक्रवार को टीम ने गांव नान में मारा छापा, लिए तीन सैंपल : शुक्रवार शाम टीम ने हाफिजपुर थाना क्षेत्र के गांव नान में दिनेश कुमार शर्मा की डेयरी पर छापा मारा। जांच के दौरान डेयरी परिसर में करीब 90 किलोग्राम घी, 38 किलोग्राम पनीर और 15 किलोग्राम खोआ मिला। यहां साफ-सफाई और रखरखाव की स्थिति सही नहीं पाई गई। टीम ने घी, पनीर और खोआ के एक-एक नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। बरामद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर भी टीम को संदेह है।
सहायक आयुक्त चंद्रशेखर मिश्र ने बताया कि डेयरी परिसर में उचित साफ-सफाई नहीं मिली। लाइसेंस की अन्य शर्तों का पूर्ण अनुपालन करने के लिए सुधार नोटिस जारी किया जा रहा है। बाकी नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।