हापुड़। विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। जिले के किसी भी बूथ पर 1500 से अधिक मतदाता नहीं होंगे। वहीं, मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन भी कराया जाएगा। इसे लेकर सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में मतदेय स्थलों के संभाजन को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई।
डीएम व जिला निर्वाचन अधिकारी कविता मीना और एडीएम संदीप कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में मतदेय स्थलों की व्यवस्था, मतदाताओं की संख्या और मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की गई। डीएम ने निर्देश दिए कि भारत निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुसार एक बूथ पर अधिकतम 1500 मतदाता ही रखे जाएं। जिन मतदेय स्थलों पर मतदाताओं की संख्या निर्धारित सीमा से अधिक है, उनका अनिवार्य रूप से संभाजन किया जाए।
इससे मतदाताओं को मतदान के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्रों हापुड़, गढ़मुक्तेश्वर और धौलाना के सभी मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित एसडीएम और तहसीलदार को निर्देश दिए कि मतदेय स्थलों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों।
उन्होंने निर्देश दिए कि मतदेय स्थलों के संभाजन की प्रक्रिया में राजनीतिक दलों को भी शामिल किया जाए। मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर उनके सुझाव और आपत्तियां प्राप्त की जाएं। इसके बाद प्रस्ताव तैयार कर 25 अक्तूबर तक निर्वाचन आयोग को भेजा जाए। डीएम ने कहा कि मतदेय स्थलों का निर्धारण मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखकर किया जाए, ताकि मतदान में असुविधा न हो और मतदान प्रतिशत में वृद्धि हो सके।
मतदेय स्थलों पर मिलेंगी मूलभूत सुविधाएं
डीएम ने कहा कि प्रत्येक मतदेय स्थल पर रैंप, पेयजल, शौचालय, बिजली, फर्नीचर और छाया के लिए सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाएं (एएमएफ) उपलब्ध होनी चाहिए। जिन भवनों की स्थिति जर्जर है या जहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, उनके स्थान पर दूसरे भवनों का प्रस्ताव तैयार कर भेजा जाए। मतदेय स्थलों में सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जाए।