कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में दूल्हे के परिजनों की ओर से शगुन नहीं लाने पर दुल्हन के परिजनों ने बारातियों को बंधक बना लिया। पुलिस के पहुंचने और दूल्हे पक्ष की ओर से शादी में खर्च हुई रुपये देने पर बारातियों को बंधक मुक्त किया गया।
इसके बाद दूल्हा बिना दुल्हन लिए ही वापस लौट गया। गांव में पूरा मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी के मुताबिक गांव गोयना में मेरठ के एक गांव निवासी युवक की बारात नौ दिसंबर की रात पहुंची। इसके बाद शादी की रस्म शुरू हुई।
इस बीच दुल्हन के परिजनों ने दूल्हा पक्ष के लोगों से शगुन में आए कपड़े, जेवर मांगे तो वह बगल झांकने लगे। बताया गया है कि दूल्हे के परिजन बिना कपड़े व जेवर लिए ही बारात लेकर आ गए। इस पर दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया।
इस पर दुल्हन पक्ष के लोगों ने दूल्हे उसके पिता, मां, बहनोई और बिचौलिए सहित कुछ परिजन को कमरे में बंधक बना लिए। बंधक बनाते ही मामला बढ़ा तो ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। पूरी रात उन्हें बंधक बनाया रखा गया।
इसके बाद दुल्हन के परिजनों ने उसे दूल्हे के साथ भेजने से इंकार कर दिया गया। शनिवार सुबह पुलिस मौके पर पहुंची। साथ ही दूल्हा पक्ष के गांव के लोग भी वहां पहुंच गए।
इसके बाद काफी देर तक हंगामे के बीच लड़की पक्ष के लोगों ने शादी में खर्च हुए एक लाख 61 हजार रुपये वापस दिलाने की मांग की। इस पर दूल्हा पक्ष ने रुपये देने पर हामी भर दी।
जिसके बाद पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों में समझौता हो गया। इसके बाद दूल्हा बिना दुल्हन के ही वापस लौट गया। उधर, कोतवाली प्रभारी आरके सिंह ने बताया कि शगुन न लाने पर बात बिगड़ी थी। इसके बाद दूल्हे पक्ष की ओर से शादी में खर्च हुए रुपये लड़की पक्ष को देने पर समझौता हो गया।