ब्रजघाट। मानसून की सक्रियता और पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब गढ़ क्षेत्र से गुजर रही गंगा नदी के जलस्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। पिछले दो दिनों में गंगा का जलस्तर 19 सेंटीमीटर बढ़ गया है। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार 29 जून को गंगा का जलस्तर 196.50 मीटर दर्ज किया गया था, जो एक जुलाई की दोपहर तक बढ़कर 196.69 मीटर पहुंच गया।
फिलहाल नदी खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही है, लेकिन जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा सकती है। यदि उत्तराखंड और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश होती रही और मैदानी इलाकों में भी मानसून सक्रिय रहा तो आगामी दिनों में गंगा के जलस्तर में और तेजी से वृद्धि हो सकती है।
ऐसे में तटीय क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गंगा की दूसरी ओर बने अस्थायी घाटों और वहां संचालित दुकानों को समय रहते हटाया जाए।
उनका कहना है कि जलस्तर अचानक बढऩे की स्थिति में वहां मौजूद लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। यदि समय रहते एहतियाती कदम नहीं उठाए गए तो किसी भी समय अप्रिय घटना हो सकती है।
गंगा सभा आरती संचालक कपिल नागर ने प्रशासन से जलस्तर की नियमित निगरानी, संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और गंगा तट पर आने वाले श्रद्धालुओं को समय-समय पर जागरूक करने की भी मांग की है, ताकि बरसात में जनहानि से बचा जा सके।
एसडीएम श्रीराम यादव का कहना है कि इन दिनों जलस्तर में हर साल बढ़ोतरी होती है, बाढ़ राहत को लेकर बैठक कराकर चौकियां स्थापित की जाएंगी। फिलहाल गंगा नदी का जलस्तर सामान्य है।