रात में बिजली गुल होने पर भी जिले के प्रमुख स्थान दूधिया रोशनी से जगमगाते रहेंगे। शासन ने इसके लिए 45.06 लाख रुपये की लागत से 38 स्थानों पर हाईमास्क सोलर लाइटें लगाने की हरी झंडी दी है। इन लाइटों को लगाने का ठेका प्राइवेट कंपनी को दिया जाएगा।
जिला प्रशासन की ओर से स्थान चयन की प्रक्रिया पूरी होते ही योजना का क्रियान्वयन शुरू हो जाएगा। बिजली क्षेत्र की बड़ी समस्या है। अक्सर रात में कटौती या फाल्ट होने से पूरा जिला अंधेरे में डूब जाता है। सड़कों पर अंधेरा होने से राहगीरों को खासी परेशानी झेलनी पड़ती है।
लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, बिजली गुल होने पर भी जिले के महत्वपूर्ण स्थान जगमगाते रहेंगे। इसके लिए शासन ने हापुड़ जिले को 38 हाईमास्क सोलर लाइटों का तोहफा दिया है। एक लाइट की कीमत 1.20 लाख रुपये है, इस तरह 38 लाइटों पर 45.06 लाख रुपये खर्च होंगे।
सोलर लाइट को फाउंडेशन से दस मीटर ऊंचाई पर लगाया जाएगा। एक पोल लाइट पर चार हाईमास्क लाइटें, चार बैटरियों व एक सोलर प्लेट के माध्यम से जगमग होंगी। इन लाइटों को लगाने का ठेका जिस कंपनी को दिया जाएगा,
वही अगले पांच वर्ष तक इसकी देखरेख की जिम्मेदारी भी निभाएगी। लाइटों का लगाने का ठेका देने के बाद प्रशासन जगह चिंह्ति करने की प्रक्रिया पूरी करवाकर योजना को साकार रूप देगी।
उधर, इस संबंध में प्राकृतिक ऊर्जा विकास अधिकरण (नेडा) के उपनिदेशक एके पांडेय का कहना है कि प्रस्ताव के बाद ठेका देने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही लाइटों को चिंह्ति स्थानों पर लगवाया जाएगा।