शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराई गई है। जाम से निजात के लिए योजनाएं बनी हैं, लेकिन कोई भी अभी तक परवान नहीं चढ़ सकी है। नगर के प्रमुख चौराहों व सड़कों पर लगने वाले जाम से लोग बेहाल हैं।
इससे निजात के लिए योजनाओं के बारे में पूछने पर अधिकारी कागजों पर प्लान दिखा देते हैं। जाम से निजात के लिए पुलिस द्वारा विभिन्न रूटों पर चलने वाली बसों के स्टैंड का निर्धारण नहीं हो सका है।
सड़कों पर खड़ी गाड़ियां, फुटपाथ पर फैला अतिक्रमण व विपरीत दिशा से आने वाले वाहन इस समस्या को और अधिक बढ़ा देते हैं। इसका निस्तारण नजर नहीं आ रहा है। इतना ही नहीं सड़कों पर टूटे पड़े ट्रैफिक सिग्नल व जेब्रा क्रासिंग की कमी भी जाम की समस्या को बढ़ा रही है।
इसके चलते शुक्रवार को भी नगर के तहसील चौराहे, मेरठ तिराहा, स्वर्ग आश्रम रोड व बुलंदशहर रोड पर वाहनों का दबाव रहा है। जिससे पूरे दिन वाहन रेंगते रहे। जाम से निजात के लिए पांच वर्ष पूर्व ट्रैफिक सिग्नल मेरठ तिराहे, तहसील चौराहे पर लगाए गए।
कुछ दिन बाद ही ये सिग्नल टूट गए। इसके बाद जेब्रा क्रासिंग भी कई बार बनी। इस वक्त जेब्रा क्रासिंग का नामोनिशां मिट चुका है। इतना हीं नहीं चौराहों पर लेफ्ट फ्री किए जाने की योजना भी परवान नहीं चढ़ सकी।
वाहनों के दबाव के चलते लगने वाले जाम से पुलिस कर्मी जूझते नजर आते हैं। शहर में एक टीएसआई, 20 हेडकांस्टेबिल, 26 कांस्टेबिल नगर की यातायात व्यवस्था संभाल रहे हैं।
शुक्रवार दोपहर तहसील चौपला से अतरपुरा चौपला और मेरठ रोड तिराहे तक जाम लगा था तो अकेला ट्रैफिक सिपाही व्यवस्था संभालने में जुटा था, बाकी यातायात पुलिस कर्मी क्या कर रहे थे, यह तो अफसर ही बता सकते हैं।
सीओ सिटी विशाल यादव का कहना है जाम की समस्या से निजात के लिए योजनाओं को सही रुप से लागू किया जाएगा। लेफ्ट फ्री योजना के लिए चौराहों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। ट्रैफिक सिग्नल व जेब्रा क्रासिंग सही कराई जाएगी।