नोट बंदी के बाद बिजली निगम से जुड़े उपभोक्ता अब ऑनलाइन बिल जमा करने में सहूलियत महसूस करने लगे हैं। एक महीने में एक करोड़ रुपये तक का राजस्व ऑनलाइन जमा किया गया है। यह आंकड़ा नोटबंदी से पहले महज 20 लाख रुपये था।
ऐसे में बिल काउंटरों पर ग्राहकों की भीड़ भी कम हुई है। करीब दो वर्ष पहले बिजली निगम में उपभोक्ताओं के लिए ऑनलाइन बिजली का बिल जमा करने की सुविधा शुरू की गई थी। उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए निगम अफसरों ने काफी प्रचार प्रसार भी किया,
लेकिन उपभोक्ता बिल काउंटरों पर कैश के माध्यम से ही बिल जमा करते थे। इससे काउंटरों पर अधिक भीड़ के चलते परेशानी होती थी। नोटबंदी के बाद उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन बिल पेमेंट शुरू किया है। प्रणाली को स्वीकार कर लिया है।
यही कारण है कि नोटबंदी के बाद एक महीने में एक करोड़ रुपये का राजस्व उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन जमा कराया है, इससे निगम अफसर भी गदगद हैं। इतना ही नहीं चेक के माध्यम से भी लाखों रुपये का राजस्व निगम अफसरों को मिला है।
एक्सईएन सचिन सिंह ने कहा कि ऑन लाइन बिल भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यह राजस्व वसूली के लिए अच्छे संकेत हैं। बिल काउंटरों पर भी व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है, ताकि उपभोक्ताओं को परेशान न होना पड़े।