मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के आदेशानुसार शहर, देहात को बिजली आपूर्ति नहीं दी जा रही है। यह मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में पहुंचने से स्थानीय निगम अफसरों में हड़कंप मच गया है। अधिशासी अभियंता ने डिवीजन के दोनों एसडीओ से स्पष्टीकरण मांगा है।
इसके अलावा शहर को 24 और देहात को 18 घंटे बिजली आपूर्ति देने के कड़े निर्देश दिए हैं। सूबे में भाजपा की सरकार बनते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने शहर को 24 और देहात अंचल को 18 घंटे तक बिजली आपूर्ति देने की घोषणा की थी।
यह आदेश ऊर्जा निगम के अफसरों को भी जारी किए गए थे। तब निगम अफसरों ने शासन को भेजी रिपोर्ट में स्पष्ट कर दिया था कि डिवीजन क्षेत्र में लगे बिजलीघर इतनी आपूर्ति देने के लिए तैयार हैं।
अब गर्मी का तापमान बढ़ते ही बिजली आपूर्ति बेपटरी होने लगी है। अधिशासी अभियंता ने दोनों एसडीओ को जारी किए पत्र में स्पष्ट दर्शाया है कि इन दिनों शहर को 22.59 और देहात को महज 16.41 घंटे ही बिजली आपूर्ति मिल रही है।
इससे उच्चाधिकारियों में कड़ा रोष व्याप्त है। इस संबंध में स्पष्टीकरण मांग, शासनादेशानुसार शहर को 24 घंटे व देहात को 18 घंटे बिजली आपूर्ति देने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
अधिशासी अभियंता ने एसडीओ को भेजे पत्र में जितनी आपूर्ति शहर, देहात को मिलनी दर्शाई है, वास्तव में उतनी आपूर्ति भी नहीं मिल पा रही है। गांव धनौरा, वझीलपुर, पांची, कैली के ग्रामीणों की माने तो देहात को मुश्किल से 12 घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
अधिशासी अभियंता सचिन कुमार का कहना है कि शासनादेशानुसार ही डिवीजन क्षेत्र को बिजली आपूर्ति मिलेगी। इस संबंध में दोनो एसडीओ को निर्देशित कर दिया गया है।