रोडवेज बसों के चक्का जाम के कारण सुबह 10 बजे तक यात्री हलाकान रहे। सुबह से ही बस अड्डा, मुख्य बस स्टॉपेज पर यात्रियों की भीड़ बसों के इंतजार में खड़ी रही। हालांकि, डग्गामार वाहन संचालकों ने शुक्रवार को जमकर चांदी काटी।
मजबूरी में यात्री जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर रहे। हड़ताल से रोडवेज प्रबंधन को लाखों रुपये राजस्व का नुकसान हुआ है लेकिन भीड़ के चलते एआरएम शाम तक इस नुकसान की भरपाई करने का दावा कर रहे हैं।
यूपी रोडवेज इंपलाइज यूनियन के आह्वान पर रोडवेज कर्मियों ने 10 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे। रात 12 बजे से ही बसें सड़कों से गायब हो गईं। ऐसे में यात्रियों को रात के समय सफर में बेहद परेशानी हुई। सुबह 6 बजे से ही ड्यूटी पर जाने वाले यात्री बस अड्डे व मुख्य स्टॉपेज पर खड़े रहे।
काफी इंतजार के बाद भी बस नहीं मिली तो उनकी परेशानी और बढ़ गई। कई लोग बिना ड्यूटी पर पहुंचे ही घर लौट गए। वहीं, जरूरतमंद लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ा।
रोडवेज कर्मियों की हड़ताल से नगर के मुख्य दिल्ली रोड स्टॉपेज पर बड़ी संख्या में यात्री नजर आए। बसों के इंतजार में यात्री घंटों परेशान रहे। अनेक यात्री बस न मिलने के कारण मायूस होकर घर लौट गए। हड़ताल के चलते यात्रियों ने रेल यात्रा का विकल्प तलाशा। लेकिन भीड़ के चलते ट्रेनें भी पीछे से फुल आ रही थी।
रोडवेज बसों की हड़ताल खुलते ही घंटों बसों के इंतजार में खड़े यात्रियों की आंखें चमक उठी। बसों में पहले चढ़ने सवार होने की जद्दोजहद में यात्री धक्कामुक्की करते नजर आए।
रोडवेज बसों के चक्का जाम से हापुड़ डिपो को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि, एआरएम का दावा है कि हड़ताल से आंशिक नुकसान हुआ था, जिसे शाम तक पूरा कर लिया गया।
यात्री विरेश शर्मा का कहना है कि वह ड्यूटी करने नोएडा जाते हैं, लेकिन शुक्रवार को बसों की हड़ताल के चलते वह ड्यूटी करने भी नहीं जा सके हैं। बसों के इंतजार में काफी परेशानी हुई है।
यात्री संजय का कहना है कि सुबह 6 बजे से बस स्टैंड पर खड़े हैं, लेकिन बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में उन्हें गंतव्य स्थान तक पहुंचना मुश्किल लग रहा है।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक एनपी सिंह का कहना है कि बसों के चक्का जाम के दौरान यात्रियों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई। डिपो को भी आंशिक नुकसान हुआ था, इसकी देर शाम तक भरपाई कर ली गई।
बैंक व अन्य विभागों के कर्मचारियों की हड़ताल से शुक्रवार को जिले में करीब 500 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। बैंक में कामकाज ठप रहने से ग्राहकों को बड़ी परेशानी हुई। उधर, सरकार की नीतियों के विरोध में बैंक कर्मचारियों ने गढ़ रोड स्थित पीएनबी बैंक के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।
जिले में बैंकों की 140 शाखाएं हैं। अपनी मांगों और सरकार की नीतियों के विरोध में बैंक कर्मचारियों ने शुक्रवार को हड़ताल रखी। ऐसे में बैंकों में लेनदेन समेत अन्य कामकाज प्रभावित रहा। सुबह 10 बजे से ही ग्राहकों की भीड़ बैंकों पर उमड़ने लगी।
लेकिन कर्मचारियों के हड़ताल पर होने के चलते उनके काम निपटाए नहीं जा सके। हड़ताल से बैंकों में 500 करोड़ रुपये का कामकाज प्रभावित रहा। अग्रणी बैंक के प्रबंधक एपी चतुर्वेदी का कहना है कि कर्मचारियों की हड़ताल से बैंकों में कामकाज प्रभावित रहा। इस हड़ताल से पूरे जिले में करीब 500 करोड़ रुपये का कामकाज प्रभावित हुआ है।
विभिन्न मांगों का निस्तारण नहीं होने पर बीएसएनएल के कर्मचारी भी शुक्रवार को हड़ताल पर रहे। कर्मियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन भी किया। हड़ताल करने वालों में राजेंद्र चौधरी, छब्बीर सिंह, अवनीश कुमार, आदेश, विनोद सिंह,
सतीश सिंह, लवीश चौधरी, सुदेश, भजन लाल, राजेंद्र चौधरी, सुरेंद्र सिंह, हरी कुमार, देवेंद्र सिंह, चतरपाल सिंह, कुसुम शर्मा, हरेंद्र, नेत्रपाल, यशवीर सिंह, शिवकुमार यादव मौजूद रहे।
विभिन्न मांगों को लेकर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर विद्युत कर्मचारियों ने शुक्रवार को टाउन हॉल बिजलीघर पर प्रदर्शन किया। अध्यक्षता गजराज शर्मा ने की, संचालन आरडी शर्मा ने किया।
प्रदर्शन करने वालों में शाहिद अली, जगदीश शर्मा, श्रीपाल, गजेंद्र सिंह, महावीर सिंह, अफरोज, धर्मेंद्र कुमार, खालिद, अशोक, नरेश, राकेश, सत्य प्रकाश, रामकुमार शर्मा, शाहिद अली, सोम प्रकाश शर्मा, परमानंद शर्मा मौजूद रहे।
राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते एनएच 24 स्थित मदर डेयरी के कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर गेट पर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। साथ ही जल्द मांगों को पूरा करने की मांग उठाई। मदर डेयरी इंपलाइज यूनियन के बैनर तले कर्मचारी गेट पर एकत्रित हुए।
उन्होंने विभिन्न मांगों के पूरा नहीं होने पर हंगामा किया। कर्मचारियों ने तुरंत मांगों को पूरा करने की मांग उठाई है। हंगामा करने में गजेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, संजय सिंह, मानवेंद्र सारस्वत, रोहताश,
अजीत जोकर, रामकिशोर, विजय तोमर, गौरव शर्मा, अनवर अंसारी, संजीव शर्मा, वीरेंद्र सिंह, अरविंद त्यागी सहित अन्य अनेक कर्मचारी शामिल रहे।
हड़ताल के कारण बैंकों के बंद होने से ग्राहकों को खासी परेशानी हुई। हड़ताल का ग्राहकों को पता नहीं था, ऐसे में सुबह वह बैंकों में लेनदेन करने के लिए पहुंचे थे तो उन्हें बैंकों पर ताला लटका मिला। इस कारण ग्राहकों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा।