प्रतिष्ठा से जुड़े सिंभावली ब्लॉक प्रमुख पद के चुनाव में कांटे के संघर्ष में निर्दलीय प्रत्याशी रविंद्र यादव ने सपा समर्थित लताफत चौधरी को एक वोट से पटखनी दे दी।
इस हार से पहली बार तीन ब्लॉकों में सपा को मिली निर्विरोध जीत का सारा मजा किरकिरा हो गया। दोनों प्रत्याशियों को 49-49 वोट मिले, एक वोट निरस्त घोषित हो गया।
बाद में राज्य निर्वाचन आयोग को सूचना देने के बाद डीएम ने निरस्त वोट को वैध ठहराकर निर्दलीय प्रत्याशी रविंद्र यादव को जीता घोषित कर दिया।
कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह 11 बजे सिंभावली ब्लॉक परिसर में वोटिंग हुई। सपा समर्थित लताफत चौधरी और निर्दलीय प्रत्याशी रविंद्र यादव बीडीसी सदस्यों को कारों से मतदेय स्थल पर लेकर पहुंचे।
यहां सभी सौ बीडीसी सदस्यों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर लिया। वोटिंग के बाद दोपहर तीन बजे के बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एआरओ सुरेंद्र सिंह, पर्यवेक्षक मनोज कुमार, एडीएम हरिश्चंद्र, एएसपी डॉ.ओपी सिंह, एसडीएम केबी सिंह गढ़ और शमशाद हुसैन हापुड़, डीएसपी एसएस राठौर बाबूगढ़ ने मतगणना शुरू कराई।
शाम करीब साढ़े तीन बजे गिनती के बाद दोनों ही प्रत्याशियों लताफत चौधरी और रविंद्र यादव को 49-49 वोट मिले। एक वोट को निरस्त घोषित हो गया।
इस पर करीब 15 मिनट के बाद राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा दिशा निर्देश मिलने के बाद डीएम ने मतपत्र को वैद्य घोषित कर निर्दलीय प्रत्याशी रविंद्र यादव को एक वोट से विजयी घोषित कर दिया।
हापुड़ जिले का गठन होने के बाद पहली बार हुए ब्लॉक प्रमुख चुनाव में सत्ताधारी सपा ने गढ़, धौलाना और हापुड़ ब्लॉक में निर्विरोध जीत हासिल की थी।
इस वजह से सिंभावली ब्लॉक प्रमुख का चुनाव सपा की प्रतिष्ठा से जुड़ गया था। पार्टी हाईकमान समेत सपा नेता सिंभावली ब्लॉक में भी जीत दर्ज कर एक नया कीर्तिमान स्थापित करने का सपना देख रहे थे, लेकिन सिंभावली ब्लॉक प्रमुख पद पर एक वोट से मिली हार ने सपाइयों का मजा किरकिरा कर दिया।