होलिका दहन से पूर्व पूजन के लिए रविवार सुबह सवेरे से ही हजारों महिला श्रद्धालुओं की भीड़ श्री चंडी मंदिर के बाहर स्थित श्री शिव मंदिर पर लगी रही। महिलाओं ने भक्तिभाव से पूजा अर्चना की। वहीं, करीब 6.24 बजे होलिका दहन के बाद श्रद्धालुओं ने जौ के बाल भूने और एक दूसरे के गले मिलकर होली की शुभकामनाएं दी।
वहीं, पिलखुवा और गढ़मुक्तेश्वर में भी होलिका दहन के बाद लोगों ने एक-दूसरे को शुभकानाएं दी। सोमवार को लोग रंग और गुलाल से होली खेलेंगे। चंडी मंदिर पर सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम थे। आला अधिकारियों ने भी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
शाम 6.24 से 7. 50 बजे के बीच होलिका का दहन किया गया। लोगों ने होलिका की परिक्रमा की और जौं के बाल भूने। जिसके बाद एक दूसरे को जौ के बाल देकर होली की शुभकामनाएं दी गई।
देर रात तक लोगों का होली की शुभकामनाएं देने का सिलसिला चलता रहा। शाम से ही पुलिसकर्मी होली दहन वाले स्थानों पर गश्त करने लगे थे। एडीएम रजनीश राय ने बताया कि सभी स्थानों पर सकुशल होली दहन होने की सूचना मिली है। जिले की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।