हापुड़। संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत जिले में पांच साल तक के प्रत्येक बच्चे को ओआरएस घोल के दो-दो पैकेट वितरित करने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। जरूरत को देखते हुए दो लाख और पैकेट का आर्डर दिया गया है। वहीं, डायरिया से पीड़ित प्रत्येक बच्चे को जिंक की 14 गोली दी जाएंगी।
जिले में एक जुलाई से अभियान की शुरुआत हुई है। डेंगू और बारिश से जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए घर-घर जाकर लार्वा की तलाश कूलर, गमले आदि में की जा रही है। जिले में 26 स्पॉट पर तीन टीमें जांच कर रही हैं। वहीं, स्कूलों में जाकर बच्चों को भी संचारी रोगों के बारे में जागरूक करने का कार्य प्रारंभ हुआ है।
अभी जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास चार लाख ओआरएस घोल के पैकेट हैं, लेकिन पांच साल तक के बच्चों की संख्या के मुकाबले ओआरएस घोल के पैकेट की संख्या दो लाख कम मिलने पर आर्डर दिया गया है। विभाग के पास जो चार लाख पैकेट थे, इनमें से दस हजार का वितरण अभी तक कर दिया गया है। पिछले चार दिनों में स्कूलों में अभियान को तेज किया गया है।
अस्पतालों, मोहल्लों व गांवों में जो बच्चे डायरिया से पीड़ित मिल रहे हैं, उन्हें 14-14 जिंक की गोली मिलेंगी। इसके लिए सभी सीएचसी, पीएचसी और जिला अस्पताल में दवा की उपलब्धता को भी बढ़ाया गया है। वहीं, गांवों और मोहल्लों में साफ-सफाई कराकर कीटनाशक दवा का छिड़काव कराया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग डीएमओ डॉ. सतेंद्र कुमार का कहना है कि अभियान को लेकर जागरूकता रैली निकाली गई है। स्कूलों में जाकर बच्चों को ओआरएस घोल के पैकेट वितरित कर रहे हैं। सभी बैठकें समाप्त हो चुकी हैं और जागरूकता कार्यक्रम चल रहे हैं। इन दिनों लोग कूलर, गमले और घर के आसपास पानी जमा न होने दें।