मेरठ रोड स्थित सेना के पड़ाव की करोड़ों की विवादित भूमि के मामले में जांच अधिकारी ने अपनी जांच शुरू करते हुए कई लेखपालों को तलब किया है। इस दौरान बंद कमरे में उनसे घंटों पूछताछ की गई। लेखपालों से भूमि के संबंध में अभिलेख मंगवाए गए हैं।
उधर, इस मामले में डीएम के सख्त रुख के चलते कई अधिकारियों की सांसें अटकी हुई हैं। शुक्रवार को एसडीएम पुष्पराज सिंह ने उक्त भूमि को लेकर कई लेखपालों को तलब किया। उन्होंने लेखपालों से बंद कमरे में घंटों तक पूछताछ की।
इस दौरान उन्होंने इस भूमि से संबंधित भूलेख भी मांगवाए। उन्होंने भूमि की सही माप व कब्जे वाली जमीन की सही स्थिति की जानकारी की। उन्होंने कहा कि सबसे पहले वे इस बात की जांच करेंगे कि पुराने अभिलेखों में संबंधित स्थान पर कोई तालाब है भी या नहीं।
इसके बाद कब्जे की जांच की जाएगी। उधर, इस मामले में डीएम के रुख को लेकर उन अधिकारियों की सांसें अटकी हुई हैं जो इस मामले को लेकर पिछले लंबे समय से हीलाहवाली कर रहे थे।
जबकि इस भूमि को लेकर स्थानीय लोगों की लगातार शिकायतें हो रही थी। ऐसे में जब इस मामले की बारीकी से जांच हो रही है और डीएम खुद पूरे मामले की मोनटिरिंग कर रहे हैं, तो कई प्रशानिक अधिकारियों की हालत खस्ता है।
इस मामले में डीएम अनिल ढींगरा ने कहा कि पूरे मामले में नजर रखी जा रही है। भूमाफियाओं के साथ जो भी इस मामले में संलिप्त पाया जाता है, उसके खिलाफ भी निश्चित कार्रवाई की जाएगी।े