बारिश में बुलंदशहर रोड स्थित हमीद कन्या पाठशाला के जर्जर भवन से सहमे बच्चे बिना पढ़े ही घर लौट गए। मिड डे मील की आस में कुछ बच्चे दोपहर तक स्कूल में रुके, लेकिन संख्या कम होने के कारण शिक्षक ने मिड डे मील की जगह बच्चों को समोसे खिलाकर टरका दिया।
हमीद कन्या पाठशाला प्राइवेट बिल्डिंग में चल रही है। यह बिल्डिंग पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। बरसात के दौरान अक्सर इस स्कूल में छुट्टी कर दी जाती है, क्योंकि जर्जर भवन की छत से लगातार बारिश का पानी टपकता है।
सामान्य दिनों में बच्चों को बाहर बैठाकर पढ़ाया जाता है लेकिन बारिश में यह विकल्प भी खत्म हो जाता है। शनिवार को भी स्कूल में यही हालात रहे। घर से तय समय पर बच्चे पढ़ने के लिए स्कूल पहुंच गए लेकिन स्कूल में कहीं भी बच्चों के बैठने के लिए जगह नहीं थी।
जर्जर बिल्डिंग में किसी हादसे की आशंका से डरे बच्चे बैरंग ही लौट गए। मिड डे मील की आस में करीब छह बच्चे स्कूल में रुके रहे। दोपहर में जब खाने का समय हुआ तो बच्चों ने गुरुजी से मिड डे मील की मांग की, लेकिन बारिश के कारण गुरुजी ने भोजन बनवाया ही नहीं।
ऐसे में उन्होंने बच्चों को एक-एक समोसा देकर टरका दिया। गुरुजी का आदेश मानकर बच्चे समोसा खाकर शांत बैठ गए, हालांकि उनकी भूख शांत नहीं हो सकी थी। अमर उजाला की टीम ने जब शिक्षक से एमडीएम न बंटने के संबंध में
पूछा तो उन्होंने एमडीएम वितरण करने की बात कही, जबकि बच्चों ने इस पर चुप्पी साध ली। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र गुप्ता ने कहा कि जर्जर भवन में कक्षाएं चलाने और मिड डे मील न बांटने का मामला बेहद गंभीर है। इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।