विधानसभा चुनावों में इस बार मतदान केंद्रों के बाहर किसी भी प्रत्याशी के झंडे, बैनर दिखाई नहीं देंगे। चुनाव आयोग ने राजनीतिक पार्टियों द्वारा मतदान के दिन केंद्रों से बाहर लगाए जाने वाले कैंप पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।
महज एक प्रत्याशी के दो व्यक्ति बूथ से 200 मीटर दूरी पर कुर्सी डालकर बैठ सकेंगे। प्रशासन की ओर से हर मतदान केंद्र पर एक हेल्प डेस्क बनाई गई है। जहां बीएलओ मतदाताओं की सहायता करेगा। चुनाव आयोग ने इस बार बड़ा बदलाव किया है।
बूथ पर लगने वाले इन कैंप पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। आयोग के निर्देश पर प्रशासन द्वारा स्वयं मतदाता स्लिप लोगों के घर तक पहुंचाई गई हैं। इसके अलावा मतदान के दिन वोटरों की सहायता के लिए बूथ के बाहर एक हेल्प डेस्क भी बनेगी।
हेल्प डेस्क में सुबह सात से लेकर शाम पांच बजे तक बीएलओ की तैनाती की जाएगी। जिसके पास हिंदी वर्णमाला के हिसाब से मतदाता सूची होगी। वह तत्काल नाम देखकर वोटर की सहायता करेंगे।
एडीएम रजनीश राय ने बताया कि चुनाव में बूथ से 200 मीटर की दूरी पर एक प्रत्याशी के दो व्यक्ति बैठ सकते हैं। इसके साथ ही मतदान केंद्र की बाहर हेल्प डेस्क भी बनाई गई है, जो मतदाताओं की सहायता करेगी।