संवाद न्यूज एजेंसी
गढ़मुक्तेश्वर। 11 महीने तक सफेद रेत की चादर में लिपटे रहने वाले गंगा के रेतीले मैदान पर लंबी परिधि में हर तरफ तंबू लगने लगे हैं। गंगा का तटीय मैदान रंग-बिरंगी छटा बिखेर रही रोशनी की झिलमिलाहट से गुलजार है। हर घंटे हजारों भक्तों का आगमन होने से चौतरफा बढ़ रंगत रही है। मेले में एक लाख से अधिक भक्तों ने पड़ाव डाल लिया है। संपर्क मार्गों से होकर आ रहे वाहनों में सवार होकर आ रहो भक्तों की संख्या में हर पल बढ़ोत्तरी हो रही है।
कार्तिक पूर्णिमा मेले में कई किलोमीटर परिधि में फैली तंबुओं की महानगरी की रंगत तेजी से बढ़ती जा रही है, जहां भक्तों के आगमन से लेकर पुलिस-प्रशासन समेत संबंधित विभागों की गतिविधियां दिन-रात चल रही हैं। गंगा किनारे लगे तंबुओं में झिलमिलाते रंग बिरंगे बल्बों की रोशनी अद्भुत छटा बिखेरने लगी है, जिसका गंगा जल में पड़ रहा प्रतिबिंब बेहद दिलकश नजारा प्रस्तुत कर रहा है। गोपाष्टमी, और फिर अक्षय नवमी, देवोत्थान एकादशी के पर्व मनाए जाने हैं, जिनके मद्देनजर भक्तों के आगमन में तेजी के साथ बढ़ोत्तरी हो रही है। जो गंगा में डुबकी लगाने के साथ ही भक्ति में मस्ती के इस अनूठे संगम का भरपूर लुत्फ लेने में व्यस्त हैं, जिसे देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि मानो वह गंगा मैया की गोद में आकर सभी चिंताओं से मुक्त हो गए हैं। जो लोग अपना घर बार छोड़कर मेले में आ रहे हैं, उन्हें जल्द से जल्द मेला स्थल पर पहुंचने की धुन सवार है। वहीं, पुलिस और प्रशासन सीसीटीवी समेत ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी मेला क्षेत्र पर नजर रखे हुए है। डीएम अभिषेक पांडे, एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह, जिला पंचायत के अधिकारी व कर्मचारी लगातार मेला क्षेत्र में पड़ाव डाले हुए हैं।
-नहीं चाक चौबंद हो रहीा भक्तों से जुड़ीं व्यवस्थाएं चाक चौबंद नहीं हो रहीं
मेला धीरे-धीरे अपने पूरे चरम की ओर बढ़ता जा रहा है, जिससे गंगा किनारे जुड़े विशाल मैदान में चारों तरफ रंगत नजर आने लगी है। लेकिन अभी तक मेला स्थल पर भक्तों से जुड़ीं जन सुविधाओं का टोटा दूर नहीं हो पा रहा है। सदर में अस्थायी स्नान घाट बने हुए हैं, जिनमें भक्त डुबकी लगा रहे हैं। मेला क्षेत्र को आपस में जोड़ने और आवागमन के लिए बनाई गईं अधिकांश कच्ची सड़कें टूट रही हैं, जिन पर मजदूर मिट्टी डालने में जुटे हैं। इसके अलावा भी कच्ची सड़कों पर पानी का छिड़काव महज औपचारिकता साबित हो रहा है, जिससे संपर्क रास्तों समेत मेला स्थल पर धूल का गुबार उड़ रहा है।
एसडीएम श्रीराम सिंह ने बताया कि मेला आयोजन से जुड़ी सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। जहां पर कुछ कमी है, वहां पर काम कराया जा रहा है। औपचारिक रूप से मेले का शुभारंभ देवोत्थान एकादशी पर्व को किया जाता है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।