फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कलक्ट्रेट पर सट्टेबाजी के खिलाफ लोगों का हंगामा

विज्ञापन
सट्टेबाजी के खिलाफ लोगों का हंगामा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
देहात से लेकर शहर में चल रहे सट्टेबाजी के कारोबार को बंद कराने की मांग को लेकर बुधवार को अंबेडकरनगर के लोगों ने कलक्ट्रेट में डीएम और एसपी कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। अधिकारियों ने मामले की जांच का आश्वासन दिया तो लोग शांत हुए।
विज्ञापन


लोगों का आरोप है कि यदि सट्टेबाजी का कारोबार बंद नहीं हुआ तो लोग सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। बता दें कि मंगलवार को सट्टेबाजों ने घर के बाहर सीसीटीवी लगवाने पर पड़ोसी मेहर सिंह को पीट-पीटकर घायल कर दिया था।

इस मामले को लेकर बुधवार को अंबेडकरनगर के महिला-पुरुष जिला मुख्यालय पहुंचे और प्रदर्शन कर आरोप लगाया कि मोहल्ले के दो लोग सट्टा व जुए का धंधा चलाते हैं। इसके चलते मोहल्ले में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है।
विज्ञापन


जुआरी गली-मोहल्लों की महिला-युवतियों से छेड़छाड़ भी करते हैं। जिससे आए दिन मारपीट होती रहती है। कई बार शिकायत के बाद भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने डीएम आफिस पर प्रदर्शन के बाद एसपी अलंकृता सिंह को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की।

एसपी ने देहात पुलिस को मामले की जांच का आदेश दिया है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि सट्टेबाजी पर कार्रवाई नहीं हुई तो लोग आंदोलन करने को विवश होंगे। प्रदर्शन करने वालों में बबीता, रेखा, ममता, कौशल, विनेश, अनिता, प्रियंका, वर्षा, चमेली, प्रीति, गीता, ज्योिति, लक्ष्मी, अतर सिंह, मेहर सिंह, चंद्रपाल, यशपाल गौतम, तिलकराम आदि मौजूद रहे।

शहर में सट्टेबाजी के धंधे के चलते आए दिन हो रहे बवाल की शिकायत के बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। दर्जनों स्थानों पर पुलिस की नाक के नीचे यह धंधा फलफूल रहा है। शाम ढलते ही खुलेआम सट्टेबाजी शुरू हो जाती है।

उगाही के चलते शिकायतों के बावजूद इन सट्टेबाजों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। दस दिन पहले तगासराय में एक मैदान में सट्टा खेल रहे युवकों ने राहगीर के रुपये छीन लिए थे। जिसके बाद दो पक्षों में पथराव हुआ और फायरिंग भी हुई थी।

मंगलवार को अंबेडकर नगर में सट्टेबाजों ने धंधे का विरोध करने पर पड़ोसी को पीटकर घायल कर दिया था। इससे साफ है कि सट्टेबाजों के हौसले बुलंद हैं। जाहिर सी बात है पुलिस के संरक्षण के कारण ऐसा हो रहा हैं।

मजीदपुरा, सिकंदरगेट, मीनाक्षी रोड, कासमपुरा, अंबेडकर नगर, मोदीनगर रोड, बैंक कालोनी ये वे मोहल्ले हैं, जहां लगभग हर गलियों में सट्टे का धंधा चलता है। दिन ढलते ही गलियाें में भीड़ बढ़ जाती है। खुलेआम शराब परोसी जाती है। गाली गलौच और मारपीट आम बात रहती है।

फिलहाल अधिकतर स्थानों पर चार्ट के माध्यम से सट्टा खेला जाता है। इसमें एक बड़ी मेज के आकार का पूरा चार्ट होता है। जिसमें शून्य से लेकर नंबर नंबर तक खाने में अंक अंकित होते हैं। चार्ट पर अंकित नंबरों पर अपने अपने रुपये रख दिए जाते हैं।

इसके बाद ताश की गड्डी में से किन्हीं तीन पत्तों को खोला जाता है। इन पत्तों के योग के आधार पर जो नंबर सामने आता है। चार्ट में उस नंबर के ऊपर लगाए गए रुपयों के अस्सी गुना के हिसाब जीतने वाला सटोरिया ले जाता है। जबकि चार्ट के बाकी बचे नंबरों पर लगाए गए रुपये सट्टा खिलाने वाले के पास जाते हैं।

इसके अलावा कुछ स्थानों पर मटका सिस्टम से सट्टा खेला जाता है। इसमें सटोरिये शाम को एक नंबर बताकर अपने रुपये लगा देता है। रात को लगभग साढ़े ग्यारह बजे मुंबई से नंबर खुलता है, जिसका सटोरिये का शाम को लगाए नंबर से मेल खाता है उसे एक रुपये के बदले आठ सौ रुपये का भुगतान किया जाता है।

शहर का नाम मोटे सट्टेबाजों में शुमार है। क्रिकेट से लेकर ओलंपिक गेम्स तक हर खेल में मोटा सट्टा खेला जाता है। इसके अलावा चुनाव व मौसम तक पर सट्टा खेला जाता है।  

सूत्रों की माने तो सट्टेबाजी के लिए स्थानीय पुलिस को अपने क्षेत्रों के हिसाब से मोटा सुविधा शुल्क मिलता है। जिसके कारण पुलिस अपनी आंखों पर पट्टी बांधे है। शिकायतों के बावजूद बड़े सटोरियों पर कार्रवाई नहीं की जाती।
 
इस मामले में एसपी अलंकृता सिंह कहती हैं कि सट्टेबाजों की धरपकड़ के लिए प्रभावी रणनीति बनायी जाएगी। सभी थानाध्यक्षों को इस मामले में आदेशित कर कठोर कार्रवाई कराई जाएगी।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें