रफीकनगर मोहल्ला में रविवार रात एक मासूम की महज 24 घंटे के अंदर तेज बुखार के चलते मौत हो गई। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। बीते वर्ष भी जिले में बुखार से दर्जनों मौत हो चुकी है।
मूलरूप से गुलावठी क्षेत्र के डहाना गांव निवासी ताहिर का परिवार रफीकनगर में रहता है। रविवार सुबह ताहिर के सात वर्षीय पुत्र मोनिस को बुखार की शिकायत हुई। परिजनों ने उसे तहसील चौपला के पास एक चिकित्सक के यहां भर्ती कराया, जहां उसे इंजेक्शन लगाया गया।
हालत बिगड़ने पर देर शाम उसे चिकित्सक ने रेफर कर दिया। मेरठ ले जाते समय रास्ते में मासूम मोनिस ने दम तोड़ दिया। बता दें कि बीते वर्ष जिले में बुखार, डेंगू ने खूब कहर बरपाया था। बुखार से दर्जनों मरीजों की मौत हो गई थी।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में भी 350 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई थी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में बुखार से सिर्फ एक ही मौत दर्शायी गई थी।
इस बार भी स्वास्थ्य विभाग के अफसर बुखार, डेंगू को लेकर गंभीर नहीं हैं। डेंगू की जांच के लिए न तो सरकारी अस्पतालों में अब तक कोई व्यवस्था की गई है और न ही नगर, देहात में कैंप आदि लगाए जा रहे हैं।
सीएमओ एके सिंह का कहना है कि बुखार पर रोकथाम की तैयारी की जा चुकी हैं। सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध है। बुखार से मासूम की मौत की उन्हें जानकारी नहीं मिल सकी है।