पावर कारपोरेशन द्वारा बकाया के चलते काटे गए 10 पावरलूम कारखानों के कनेक्शन हथकरघा अफसरों की ढिलाई के चलते नहीं जुड़ पा रहे हैं। हथकरघा विभाग के अधिकारी मौखिक रूप से तो उक्त कारखानों को पात्र बता रहे हैं, लेकिन लिखित में रिपोर्ट प्रेषित नहीं कर रहे हैं।
ऐसे में बुनकरों की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों कारपोरेशन अफसरों ने 10 पावरलूम कारखानों के कनेक्शन बकाया बिल के चलते काट दिए थे। बुनकरों का कहना था कि वह अपने हिस्से का बिल का रुपया जमा कर चुके हैं।
पावरलूम कारखानों के विद्युत कनेक्शन पर जो सब्सिडी सरकार द्वारा दी जाती है, सिर्फ वही ऊर्जा निगम के खाते में नहीं पहुंच सकी है। जबकि निगम अफसरों ने उक्त कारखानों को सब्सिडी के लिए पात्र नहीं माना था।
इस मामले को लेकर बुनकरों ने कई बार ऊर्जा निगम के अफसरों का घेराव किया था। बीते दिनों हथकरघा और बिजली निगम की टीम ने संयुक्त रूप से इन कारखानों का निरीक्षण किया था। तब हथकरघा विभाग के अफसरों ने पावरलूम कारखानों को पात्र बताया था।
ऊर्जा निगम के अफसरों ने हथकरघा विभाग से लिखित में पात्रता संबंधी रिपोर्ट उपलब्ध कराने के संबंध में पत्राचार किया था। अभी तक कोई रिपोर्ट प्रेषित नहीं की गई है। ऐसे में पावरलूम कारखानों के कनेक्शन नहीं जुड़ने से बुनकरों को परेशानी हो रही है।
अधीक्षण अभियंता बीएल मौर्य का कहना है कि हथकरघा विभाग की उदासीनता के चलते काटे गए कनेक्शन नहीं जोड़े जा सके हैं। रिपोर्ट मिल जाए कनेक्शन जुड़वा दिए जाएं।