बारिश के बाद कड़ाके की सर्दी, पाला और शीतलहर ने लोगों को घरों में छुपने को मजबूर कर दिया है। गलन बढ़ने से हाथ पैर सुन्न पड़ रहे हैं। बुधवार को जिले में अधिकतम तापमान 16 और न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
तेज धूप ने लोगों को कुछ राहत दिलाई। रविवार को हुई बरसात के बाद से मौसम ने यूटर्न ले लिया है। दिनोंदिन तापमान गिरने से ठिठुरन बढ़ रही है। बुधवार न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस गिर गया, जिसके चलते चलते गलन बढ़ गई।
पूरे दिन शीत लहर का प्रकोप जारी रहा। सर्दी से बचाव के लिए लोगों ने हीटर, अलाव का सहारा लिया। वहीं, कड़ाके की सर्दी अब पशुओं के लिए भी खतरा साबित हो रही है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वाईपी सिंह ने बताया कि सर्दी के प्रकोप से यदि पशुओं को नहीं बचाया गया तो पशुओं की दुग्ध उत्पादन क्षमता घट सकती है। पशुओं के बच्चों की विशेष देखभाल करें, अन्यथा ठंड के कारण उनकी मौत भी हो सकती है।
वहीं, मौसम वैज्ञानिक डॉ. नफीस चौधरी ने बताया कि फिलहाल मौसम बिगड़ने की कोई संभावना नहीं है, बुधवार को चौथे दिन भी धूप निकलने से वाष्पीकरण की क्रिया में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। जिससे अगले तीन-चार दिनों में फिर से घना कोहरा गिर सकता है।