बाबूगढ़ क्षेत्र के गांव नूरपुर की मढै़या में दोहरे हत्याकांड के आरोपी किसान विपिन ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि मुझे पोता होने की उम्मीद थी, ऐसे में पोती ने जन्म लिया तो मैंने मार डाला। पड़ोसी महिला को मारने का इरादा नहीं था।
जुर्म इकबाल करने के बाद पुलिस ने उसको बुधवार को जेल भेज दिया। दूसरे दिन भी गांव में मातम छाया रहा है। खौफनाक खूनी मंजर लोगों के जेहन से निकल नहीं पा रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
मंगलवार को गांव नूरपुर की मढै़या में आरोपी विपिन ने अपनी डेढ़ महीने की पोती आशवी व उसको बचाने आई रिश्ते की भाभी सीमा को बलकटी से काटकर मौत के घाट उतार दिया था। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से आरोपी को हिरासत में ले लिया था।
इसके बाद गांव में दहशत फैली हुई है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने घटना को अंजाम देने के पीछे पोती पैदा होने की बात स्वीकार की है। उसने बताया कि उसे उम्मीद थी उसे पोता मिलेगा, लेकिन पोती होने के बाद उसे वारिस की चिंता होने लगी थी।
उसने बताया कि पोती होने के बाद उसे वंश खत्म होने का डर सताने लगा था। इसको लेकर वह चिंतित था। इससे क्षुब्ध होकर उसने पोती आशवी को काट डाला। उसको बचाने आई सीमा को भी मार दिया। पुलिस पूछताछ में उसने जुर्म स्वीकार कर लिया और घटना पर किसी तरह का पश्चाताप होने से इंकार किया है।
पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। साथ ही दोनों शव पोस्टमार्टम के बाद गांव में पहुंचे तो लोगों में कोहराम मच गया। इसके बाद शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। गांव में कई घरों में दूसरे दिन भी चूल्हे नहीं जले।
लोग इस घटना की निंदा करते हुए खौफनाक मंजर को भूला नहीं पा रहे हैं। गांव में चारों ओर मातम पसरा है। सुरक्षा की दृष्टि से गांव में भारी पुलिस बल तैनात है।
थाना प्रभारी यतेंद्र सिंह ने बताया कि पूछताछ में उसने बताया कि उस पर बेटे की शादी का कर्जा भी था। ऐसे में पोती होने पर वह अधिक चिंतित हो गया है। जिसको लेकर उसने इस घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया है।