हापुड़। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की पढ़ाई का स्तर परखने और शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रत्येक माह टेस्ट होगा। परीक्षा में विद्यार्थियों से बहुविकल्पीय प्रश्नों के अलावा दीर्घ उत्तरीय प्रश्न भी पूछे जाएंगे। नई व्यवस्था जुलाई माह से लागू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
नया शिक्षा सत्र एक अप्रैल से शुरू हो चुका है। शिक्षकों को हर माह निर्धारित पाठ्यक्रमों को पूरा कराना होगा। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से नए शैक्षिक सत्र से परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव किया गया है। बोर्ड के इस नए कदम का उद्देश्य छात्रों की विषयों पर पकड़ और उनकी वैचारिक समझ का मूल्यांकन करना है। इससे छात्रों की त्वरित सोच और सही विकल्प चुनने की क्षमता विकसित की जाएगी।
विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई, पाठ्यक्रम की समझ और परीक्षा तैयारी करने के उद्देश्य से नई पहल शुरू की जा रही है। जिले के सभी वित्तविहीन, सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों व राजकीय कॉलेजों में कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक माह परीक्षा आयोजित की जाएगी। इससे विद्यार्थियों की तैयारी और शैक्षिक गुणवत्ता को परखा जाएगा। बोर्ड की मंशा है कि छात्रों पर अंतिम परीक्षा का बोझ कम किया जाए और लगातार मूल्यांकन के जरिए उनकी क्षमता बढ़ाई जाए।
डीआईओएस डॉ. श्वेता पूठिया का कहना है कि नई प्रणाली से छात्रों में परीक्षा का दबाव कम होगा क्योंकि पूरे साल छोटे-छोटे चरणों में मूल्यांकन होगा। इससे अंतिम परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन की संभावना भी बढ़ेगी। जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को समयबद्ध तरीके से पाठ्यक्रम पूरा कराने और नए परीक्षा पैटर्न के अनुसार छात्रों को अभ्यास कराने के दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।