शाम के समय तेज हवा चलने के कारण उड़ती धूल के बीच सड़क पर जाते लोग। संवाद
हापुड़। शुक्रवार शाम को तेज आंधी और बूंदाबांदी ने किसानों की समस्याएं बढ़ा दी हैं। गेहूं की फसल पककर तैयार है। ऐेसे में इस तरह का मौसम फसल को नुकसान पहुंचा सकता है। आसमान में छाए बादलों से तापमान में भी गिरावट आई।
मार्च और अप्रैल महीने में बेमौसम बरसात किसानों की समस्या का सबब बनी है। शुक्रवार की सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे लेकिन उमस के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया।
शाम करीब छह बजे तेज आंधी शुरू हो गई। धूल भरी हवाओं से लोगों का बुरा हाल हो गया। साथ ही हल्की बरसात ने भी मौसम को ठंडा कर दिया। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अशोक ने बताया कि गेहूं की फसल के लिए अब बादल और बारिश ठीक नहीं है। इस समय चटक धूप की जरूरत है। यदि दस दिन मौसम ठीक रह जाए तो फसल काफी हद तक समेटी जा सकती है।
तेज हवाओं के कारण शहर से लेकर देहात अंचल तक के बिजलीघरों को बंद कर दिया गया। हालांकि, आंधी समाप्त होने पर आपूर्ति चालू हो गई।