गढ़मुक्तेश्वर। अपहृत बताए जा रहे किशोर ने रविवार को बुआ के साथ कोतवाली पहुंचकर रोते बिलखते अपना दुखड़ा सुनाया तो अपहरण को लेकर रची जा रही साजिश की सारी हकीकत खुलकर सामने आ गई।
गढ़ के मोहल्ले में रहने वाली महिला ने तीन दिन पहले कोतवाली में तहरीर दी थी। महिला ने बताया था कि उनके 17 वर्षीय बेटे का जनपद मुजफ्फरनगर के गांव लोई में रहने वाले दूसरे समुदाय के युवक ने अपहरण कर लिया है। तहरीर के आधार पर पुलिस मामले की छानबीन करने में जुटी थी, परंतु इसी दौरान अपहृत बताया जा रहा किशोर रविवार दोपहर अपनी बुआ को साथ लेकर कोतवाली पहुंच गया। कोतवाली में किशोर ने आपबीती सुनाई तो अपहरण को लेकर रची जा रही साजिश की सारी हकीकत खुलकर सामने आ गई।
इंस्पेक्टर नीरज कुमार द्वारा की गई पूछताछ के दौरान किशोर ने बताया कि मां और मामी बाहरी युवक के साथ मिलकर उस पर अपने नाम की कृषि भूमि का बैनामा करने का दबाव बनाकर प्रताड़ित करती आ रही थीं। अपनी जान को खतरा देखते हुए वह चुपचाप घर से निकल गया और और जनपद मेरठ में रहने वाली बुआ के पास पहुंच गया। आपबीती सुनाए जाने पर बुआ उसे साथ लेकर कोतवाली आ गई। अपहरण के फर्जी मामले से जुड़ी साजिश की सारी सच्चाई सामने आते ही पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई। सीओ वरुण मिश्रा का कहना है कि अपहृत बताए जा रहे किशोर ने अपनी बुआ के साथ कोतवाली आकर अपनी मां द्वारा दूसरे समुदाय के युवक के खिलाफ रची जा रही सारी साजिश का खुलासा कर दिया है। जिसके आधार पर मामले की जांच करते हुए आरोपियों की तलाश कराई जा रही है।