संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। चमरी निवासी महिला के दो किलोवाट के कनेक्शन में अनियमितता का मुख्य अभियंता कार्यालय ने संज्ञान लिया है। टीम गठित कर, एस्टीमेट, टीसी और अन्य दस्तावेजों की जांच के आदेश दिए हैं। दो अवर अभियंताओं के बीच चल रहा विवाद थाने तक पहुंच गया है, इस मामले में भी विभागीय जांच शुरू हो गई है।
चमरी निवासी उपभोक्ता मीनू शर्मा ने बताया कि उसने दो किलोवाट कनेक्शन का आवेदन किया था। उसे पहले 80 हजार का एस्टीमेट बनने की बात कही गई, इतना पैसा देने में असमर्थता जताने पर एस्टीमेट कम किया गया। हालांकि जेई सुधीर कुमार का कहना है कि नियमानुसार एस्टीमेट 60 हजार के करीब की तैयार किया गया था।
हालांकि उपभोक्ता को एस्टीमेट जमा करने की जो टीसी दी गई थी वह 29778 रुपये थी। एस्टीमेट से करीब यह आधी थी। यह त्रुटि किस स्तर पर हुई, इसकी जांच होनी अभी बाकी है। लेकिन अवर अभियंता का कहना है कि डिवीजन कार्यालय से ही इसमें त्रुटि हुई है। उनके द्वारा बनाया एस्टीमेट कार्यालय में जमा है। इस मामले में अवर अभियंता सुधीर कुमार ने प्रीत विहार बिजलीघर के अवर अभियंता अरुण कुमार के खिलाफ थाने में तहरीर भी दी है।
बहरहाल, इस मामले का संज्ञान मुख्य अभियंता कार्यालय बुलंदशहर ने लिया है। जांच के लिए टीम भी गठित कर दी गई है। अवर अभियंता भी साक्ष्य जुटाने में लगे हैं, क्योंकि जिस तरह दोनों ओर से आरोप प्रत्यारोप लग रहे हैं, उन्हें सिद्ध करना भी आसान नहीं होगा। उधर, डिवीजन कार्यालय के टीसी पटल वाले अधिकारी भी अपने बचाव में जुटे हैं।
अधीक्षण अभियंता यूके सिंह ने कहा कि प्रकरण का संज्ञान मुख्य अभियंता कार्यालय से लिया गया है। इस मामले की जांच के लिए कमेटी गठित हो चुकी है, जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।