हापुड़। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर शिक्षकों ने समायोजन की प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और धांधली करने का आरोप लगाते हुए जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने नियमों को ताक पर रख, कुछ शिक्षकों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से गलत तरीके से समायोजन करने का आरोप लगाया है।
संघ के जिलाध्यक्ष देवेंद्र शिशोदिया व जिला मंत्री नीरज चौधरी ने कहा कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई है। सूची सार्वजनिक कर आपत्तियां तक नहीं मांगी गई। समायोजित शिक्षकों से विकल्प पत्र न भरवाकर सीधे स्कूलों का आवंटन कर दिया गया है। वरिष्ठ शिक्षकों को छोड़कर कनिष्ठ का समायोजन किया गया है। शिक्षकों की वरिष्ठता सूची में हेराफेरी की गई है।
आरोप लगाया कि कई शिक्षकों को पिछड़े से अगड़े विकास क्षेत्रों में समायोजित कर स्थानांतरण का लाभ दिया गया है, जो इस प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। वरिष्ठ शिक्षकों को उनके विकास क्षेत्र में निकटतम स्कूल न देकर अन्य विकास क्षेत्रों में समायोजित किया गया, जबकि उनसे कम वरिष्ठ शिक्षक को उसी विकास क्षेत्र में समायोजित किया गया। जूनियर पुरुष शिक्षक को उसी ब्लॉक में समायोजित किया गया, जबकि सीनियर महिला शिक्षिकाओं को दूसरे ब्लॉक में समायोजित किया गया। इस मौके पर अंशु सिद्धू, राजकुमार, मोनिका, सुधा बाला, अनिता, रेनू, अंजू, सीमा, प्रीति, कमरनाज, अमृता, अलका आदि उपस्थित रहे।