हापुड़। जिले में करीब दो हजार कारोबारियों ने राज्य कर विभाग का 65 करोड़ रुपये का टैक्स नहीं जमा किया है। विभाग के अधिकारियों द्वारा नोटिस जारी करने के बाद भी कोई जवाब नहीं दिया गया। विभाग द्वारा चलाए जा रहे बकाया वैट और जीएसटी वसूली के अभियान के तहत एक सप्ताह में करीब 50 फर्मों से एक करोड़ 30 लाख रुपये जमा कराया जा चुका है। शेष कारोबारियों से भी बकाया कर जमा कराने की प्रक्रिया चल रही है।
जुलाई 2017 से देश और प्रदेश में एक देश एक कर के नारे के साथ जीएसटी लागू किया गया था। इससे पहले वैट, सेंट्रल सेल्स टैक्स व अन्य कर लागू थे। जीएसटी लागू होने के बाद पंजीकृत फर्म संचालकों ने पुरानी टैक्स प्रणाली का करोड़ों रुपये का टैक्स नहीं जमा किया। इसके साथ ही जीएसटी में पंजीकृत फर्मो ने भी टैक्स जमा नहीं किया है। अब विभाग ने विशेष वसूली अभियान चलाया है। इनमें फर्मों की औचक जांच, कार्यालय सीज करना, बकायेदारों को नोटिस जारी करना और नकद वसूली पर जोर दिया जा रहा है।
45 करोड़ वेट और 20 करोड़ जीएसटी बकाया-
राज्य कर विभाग द्वारा चलाए जा रहे बकाया वसूली अभियान में करीब दो हजार फर्मों को चिह्नित किया गया है। इनपर 45 करोड़ रुपये का वेट बकाया है, जबकि 20 करोड़ रुपये की जीएसटी शेष है। फर्म संचालकों बकाया वसूली जमा करने के लिए विभाग के अधिकारी द्वारा शिकंजा कसा जा रहा है।
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आठ दिन में एक करोड़ 30 लाख वसूली-
बकाया वसूली अभियान के तहत राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने बकायेदारों के खिलाफ शिकंजा कसते हुए एक दिसंबर से आठ दिसंबर तक 50 फर्मों से एक करोड़ 30 लाख रुपये की वसूली गई है। अधिकारियों का दावा है यह अभियान जारी रहेगा और बकाएदारों से शत प्रतिशत वसूली की जाएगी।
बकायेदारों की संपत्ति होगी कुर्क- -
शासन के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान में छोटे-बड़े बकाएदारों को चिह्नित किया गया है और उनसे वसूली की जा रही है। इसके लिए सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। बकाया वसूली जमा न करने वालों के खाते फ्रीज किए जा रहे हैं। इसके ही संपत्तियों को कुर्क किया जाएगा और भुगतान न होने की स्थिति में संपत्तियों को नीलाम किया जाएगा। - मानवेंद्र प्रताप सिंह, अपर आयुक्त, एसजीएसटी, ग्रेड एक