संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। एकतरफ सूरज कहर बरपा रहा है तो दूसरी तरफ सरकारी मशीनरी की उदासीनता सैकड़ों ग्रामीणों के लिए जी का जंजाल बन गई है। गांव पटना मुरादपुर में नलों के खराब होने के कारण लगभग दो सौ परिवारों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। शिकायतों के बाद भी समस्या का समाधान न होने से ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों से सोमवार को इसकी शिकायत डीएम और बीडीओ से भी की है।
ग्रामीण प्रमोद, टीटू, अमित, महेश, उर्मिला, नीलम, स्वीटी, हेमा, मधु, प्रशांत, लक्ष्मण, अधिवक्ता सतवीर ने बताया कि गांव में उनकी गलियों में लगे नल पिछले लगभग एक माह से खराब पड़े हैं। इन नलों के अलावा अन्य दूसरा कोई स्त्रोत पानी के लिए नहीं है। इस कारण गांव के दूसरे कोने से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। जिस कारण गर्मी में ग्रामीणों को बहुत अधिक परेशान होना पड़ रहा है। ग्रामीणों में बताया कि कई बार शिकायत के बाद भी किसी ने ध्यान नहीं दिया है। प्रधान से लेकर पंचायत सचिव तक से शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हुआ है।
इस गर्मी में पेयजल का संकट बना हुआ है। सुबह नहाने से लेकर घरेलू कार्यों तक के लिए पानी की किल्लत है। गांव में घरों में पानी की आपूर्ति के लिए जो पानी की टंकी लगी हैं। उनमें पानी तक नहीं आ रहा है। यह पाइप लाइन चौक पड़ी हुई है। इसलिए पानी की समस्या अधिक बनी हुई है।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि जल्द उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंचकर धरना प्रदर्शन करेंगे। क्योंकि बिना पानी के गर्मी में रहना बहुत मुश्किल हो रहा है। डीपीआरओ शिवबिहारी शुक्ला ने कहा कि गांव में टीम भेजकर जांच कराएंगे। खराब नलों को जल्द सही करा दिया जाएगा।