वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने तहसील चौपला पर जाम लगाया। वकीलों ने मानव श्रंखला बनाकर नारेबाजी की और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को सौंपा।
अधिवक्ता बुधवार को न्यायिक कार्य से भी विरत रहे। जाम के दौरान पुलिस ने शहर में रूट डायवर्ट कर वाहन निकाले। पश्चिमी उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट बेंच संघर्ष समिति के आह्वान पर बुधवार सुबह को बेंच की मांग को लेकर कचहरी में अधिवक्ता जमा हुए।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय कंसल और सचिव शाहिद हुसैन के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए तहसील चौपला पर पहुंचे और जाम लगा दिया। हालांकि पुलिस वकीलों के आने से पहले ही रुट डायवर्जन कर दिया था।
अधिवक्ताओं ने मानव श्रृंखला बनाकर नारेबाजी की। डिप्टी कलेक्टर अशोक कुमार सिंह को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया। बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट से वेस्ट यूपी की दूरी करीब 600 किमी है।
इससे यहां के लोगों को न्याय पाने में दिक्कत होती है। 38 वर्षों से वेस्ट यूपी के वकील बेंच की मांग कर रहे हैं। वहां पर गजेंद्र सिंह चौहान, अनिल शिशौदिया, धीरेंद्र त्यागी, अकबर आदि रहे।
शहर में थे सुरक्षा के कड़े प्रबंध
प्रशासन ने अधिवक्ताओं के चक्का जाम को लेकर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए। सीओ सिटी विशाल यादव, कोतवाली प्रभारी राजेंद्र सिंह यादव, एसओ हाफिजपुर नरेंद्र शर्मा, एसओ हापुड़ देहात विनोद पांडेय, एसओ बाबूगढ़ विजय बहादुर सिंह मौैजूद रहे।
पुलिस ने किया रूट डायवर्जन
मेरठ की ओर आने वाले वाहनों को बाईपास होकर बुलंदशहर के लिए भेजा गया, जबकि बुलंदशहर से आने वाले वाहनों को बाईपास से दिल्ली रोड से होते हुए शहर में आने दिया।
गढ़ रोड से आने वाले वाहनों को भी बाईपास से निकाला गया। एक घंटे तक रूट डायवर्जन रहा।
गढ़ में भी वकीलों नहीं किया काम
गढ़। वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच स्थापना के लिए गढ़ में वकीलों ने कामकाज नहीं किया। बार अध्यक्ष नरेश गिल और सचिव नरेश कुमार ने कहा कि नेता लुभावने वादे कर जाते हैैं, लेकिन कुर्सी मिलने पर आंखें बंद कर लेते हैं।
वहां पर पूर्व अध्यक्ष सुबोध त्यागी, नरेंद्र गुप्ता, अमरपाल सिंह, सतेंद्र चौधरी, सुरेंद्र नागर, ओमपाल मावी, बलराज त्यागी, सत्यप्रकाश चौहान, एमपी कुशवाह, राकेश सक्सेना, विरेंद्र चौहान, नरेंद्र त्यागी, राकेश मोहन अग्रवाल आदि रहे।