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Hapur News: निलंबित लेखपाल ने खाया जहर साथियों ने विरोध में किया प्रदर्शन

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संवाद न्यूज एजेंसी
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धौलाना, पिलखुवा। धौलाना में तैनात निलंबित लेखपाल सुभाष मीणा ने बुधवार को तहसील परिसर में जहरीला पदार्थ खा लिया। गंभीर हालत में उन्हें रामा अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत बिगड़ने पर उन्हें गाजियाबाद के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया है।
सूचना मिलते ही जिले के लेखपाल एकत्र होकर रामा अस्पताल पहुंचे और हंगामा करके कार्रवाई की मांग करने लगे। शाम के समय लेखपाल जिला मुख्यालय पहुंचे और धरना प्रर्दशन किया। एडीएम संदीप कुमार के आश्वासन पर विरोध प्रदर्शन समाप्त हुआ। लेखपाल आज सुबह दस बजे डीएम से मिलेंगे। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मामले में मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेते हुए मंडलायुक्त मेरठ और डीआईजी को जांच सौंपी है। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक स्तर से कोई पुष्टि नहीं की गई है।
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लेखपाल के चालक शाहिद के अनुसार, बुधवार की सुबह सुभाष मीणा जब घर से निकले थे तो तनाव में थे। उन्होंने रास्ते में एक मेडिकल स्टोर से सिर दर्द की दवा भी ली थी। सुबह करीब साढ़े दस बजे वह धौलाना तहसील परिसर पहुंचे और लेखपालों के कमरे में गए। यहां से निकलकर तहसीलदार के कार्यालय पहुंचे और वार्ता कर बाहर आ गए। इस बीच में ही उन्होंने डिब्बी से निकालकर कुछ जहरीला पदार्थ खाया और चालक से लेकर पानी पिया।
इसके बाद लेखपाल की तबीयत बिगड़ गई। सभी अधिकारी व कर्मचारी उन्हें लेकर रामा अस्पताल पहुंचे। मौके पर एसडीएम शुभम श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी भी पहुंच गए।
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वहीं, मौके पर पहुंचे लेखपालों की मौजूद अधिकारियों से नोकझोंक भी हुई। धरना दे रहे लेखपालों ने दोषी अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की। लेखपाल संघ के अध्यक्ष ने कहा कि तहसील में कुल 28 हल्के हैं, जिनमें केवल 11 लेखपाल कार्यरत हैं। एक-एक लेखपाल पर चार-चार क्षेत्र लाद दिए गए हैं। सुभाष मीणा के पास पिलखुवा, डहाना, सपनावत और सिरोधन जैसे चार बड़े क्षेत्र थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्य की अधिकता, फर्जी शिकायतें और अधिकारियों का दबाव लेखपालों को मानसिक रूप से तोड़ रहा है। सुभाष मीणा इसी तनाव का शिकार हुए।
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