रामपुर रोड पर स्वीकृत सीवेज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के मामले में हीलाहवाली पर एनजीटी ने जल निगम के अधिकारियों को आड़े हाथों लिया है। एनजीटी के निर्देश पर नोएडा जल निगम के अधिकारियों ने शुक्रवार को शहर के नालों का निरीक्षण कर गंदे पानी को प्लांट तक पहुंचाने का खाका तैयार किया।
परियोजना के पहले चरण के लिए शासन से 80 करोड़ रुपये स्वीकृत हो चुके हैं। शहर के मुख्य नालों से प्रतिदिन निकलने वाले गंदे पानी को काली नदी में डाला जाता है। काली नदी से होते हुए यह गंदा पानी गंगा मे गिर रहा है।
गंदे पानी को गंगा में गिरने से बचाने के लिए हापुड़ में रामपुर रोड पर करीब 452 करोड़ की लागत से नोएडा जल निगम द्वारा सीवेज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाना स्वीकृत है। जिसके लिए 25 लाख रुपये जल निगम को मिल चुके हैं।
इसके बाद भी इस मामले में हीलाहवाली बरती जा रही है। इस स्थिति को देखते हुए एनजीटी ने जल निगम के अधिकारियों को फटकार लगाई।
नोएडा जल निगम के अधिशासी अभियंता एसके शर्मा के नेतृत्व में टीम हापुड़ पहुंची और शहर के दिल्ली रोड, सिकंदरगेट सहित प्रमुख नालों का निरीक्षण किया। एसके शर्मा ने बताया कि प्रथम चरण में शहर के नालों को सीवेज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जाएगा।
इसके लिए शासन से 80 करोड़ रुपये स्वीकृत हो चुके हैं। निरीक्षण के दौरान नगर पालिका परिषद जल निगम के अधिशासी अभियंता अनवर ख्वाजा भी उपस्थित थे।
उन्होंने बताया कि प्लांट में प्रतिदिन एक करोड़ लीटर पानी को शोधित करने की क्षमता होगी। अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह में धनराशि मिलने के बाद कार्य शुरू कर दिया जाएगा।