गढ़मुक्तेश्वर। फार्मर रजिस्ट्री बनवाने के लिए किसान परेशान हैं। जब तक फार्मर रजिस्ट्री नहीं बन जाती, शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा। लेकिन, सर्वर की धीमी रफ्तार के कारण किसान अपनी खतौनी नहीं निकाल पा रहे हैं। सुबह से ही तहसील परिसर में किसानों की लंबी लाइन लग रही हैं।
सरकार ने किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री कराना जरूरी कर दिया है। क्षेत्र के सभी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री होनी है। इसके तहत किसानों का गोल्डन कार्ड भी बनेगा। इन दिनों फार्मर रजिस्ट्री बनने की रफ्तार काफी कम है। फार्मर रजिस्ट्री बनवाने में अन्य दस्तावेजों के साथ ही जमीन की खतौनी भी जरूरी है। खतौनी निकलवाने के लिए तहसील में सुबह से ही किसानों की लाइन लग रही है। लेकिन खसरा-खतौनी की वेबसाइट धीमी होने के कारण पांच मिनट के काम के लिए घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि फार्मर रजिस्ट्री के लिए प्रमाणित फर्द जरूरी है। इसलिए तहसील परिसर में खिड़की के बाहर खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। जिसके बाद जनसुविधा केंद्र पर फार्मर रजिस्ट्री बनवाने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। एसडीएम साक्षी शर्मा ने बताया कि कभी-कभी सर्वर डाउन होने से साइट की गति धीमी हो सकती है, तहसील में कर्मचारी सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक लगातार किसानों को खतौनी उपलब्ध करा रहे हैं। किसानों को फार्मर रजिस्ट्री बनवाने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है।