कलक्ट्रेट में डीएम को ज्ञापन देते भाकियू कार्यकर्ता। संवाद
हापुड़। सिंभावली और ब्रजनाथपुर चीनी मिल पर किसानों का करीब 389 करोड़ रुपये बकाया है। भुगतान में तेजी नहीं आने से किसान परेशान हैं। लाखों क्विंटल गन्ना इन मिलों से हटाए जाने के बाद भी भुगतान व्यवस्था में सुधार नहीं हो पा रहा है।
चीनी मिल पर आरोप लगाते हुए भाकियू अराजनैतिक के पदाधिकारियों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा है। भाकियू जिलाध्यक्ष पवन हूण ने कहा कि वर्तमान सत्र का सिंभावली चीनी मिल पर किसानों का 285 करोड़ और ब्रजनाथपुर चीनी मिल पर करीब 104 करोड़ रुपये बकाया है। जबकि सिंभावली मिल के गोदाम में चीनी का स्टॉक महज 5.70 लाख क्विंटल रह गया है, 16 हजार क्विंटल पुरानी चीनी भी बाकी है। इस चीनी से पूरा भुगतान कर पाना संभव नहीं है। ब्रजनाथपुर मिल के स्टाक में करीब 1.26 लाख क्विंटल नई और 14 हजार क्विंटल पुरानी चीनी ही उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों जिला प्रशासन के समक्ष बैठक में सिंभावली मिल की ओर से हर महीने करीब 50 करोड़ और ब्रजनाथपुर मिल द्वारा 20 करोड़ के भुगतान का वादा किया था लेकिन अब यह वादा हवाई हो गया है। इसका आधा भुगतान भी नहीं हो पा रहा है। इसके विरोध में उन्होंने डीएम को ज्ञापन सौंपकर, जल्द गन्ना भुगतान कराने की मांग उठाई है। इस मौके पर कटार सिंह, मोनू त्यागी, राधे त्यागी आदि मौजूद रहे।