श्रीचंडी संस्कृत माध्यमिक विद्यालय के छात्रावास में सोमवार अपराह्न एक छात्र ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। उसके सहपाठी छात्रों ने फंदे पर शव लटका देखकर प्रधानाचार्य को सूचना दी। एएसपी ने शव को उतराकर और उसके परिजनों को सूचना दी। आत्महत्या करने के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस जांच में जुटी है।
जानकारी के अनुसार जिला प्रतापगढ़ के बौधिक पुरवा निवासी मैदमी प्रसाद तिवारी का बेटा देवेंद्र मणी श्री चंडी संस्कृत माध्यमिक विद्यालय में कक्षा नवीं का छात्र था। वह विद्यालय के छात्रावास में मेरठ के रहने वाले हर्ष कुमार के साथ एक कमरे में रहता था।
सोमवार शाम ही देवेंद्र को होली की छुट्टी पर घर जाना था। वह अपने कमरे में सामान की पैकिंग कर रहा था। अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे छात्रावास में रहने वाले स्टूडेंट्स स्वर्ग आश्रम रोड स्थित अखाड़े में कुश्ती के लिए निकले थे। तभी छात्रों ने देवेंद्र को भी अपने साथ ले जाने की बात कही और उसका कमरा खुलवाने का प्रयास किया।
काफी देर बाद भी जब कोई जवाब नहीं आया तो साथियों ने खिड़की से देखा कि देवेंद्र का शव फंदे से लटका हुआ है। छात्रों ने प्रधानाचार्य हरिशरण शुक्ल को सूचना दी। प्रधानाचार्य की सूचना पर कोतवाली पुलिस पहुंची। करीब एक घंटे बाद एसएचओ राजेश कुमार वर्मा आए और शव को नीचे उतरवाया। सीओ सिटी विशाल यादव, एएसपी डा.ओपी सिंह ने छात्रों और प्रधानाचार्य से पूछताछ की।
श्री चंडी संस्कृत माध्यमिक विद्यालय में दो साल के भीतर यह दूसरी आत्महत्या की वारदात है। इससे पूर्व वर्ष 2014 में गांव ददायरा निवासी दीपक नाम के छात्र ने अपने कमरे में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस प्रकार की घटनाओं ने यहां शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
श्री चंडी संस्कृत माध्यमिक विद्यालय का एक छात्र पिछले पांच माह से गायब है। जिसका पुलिस अभी तक कोई सुराग तो दूर गुमशुदगी तक दर्ज नहीं कर पाई है। इस संबंध में सीओ सिटी विशाल यादव से वार्ता हुई तो उन्होंने बताया कि इस संबंध में कोतवाली में कोई शिकायती पत्र नहीं आया,यदि आया होगा तो मुकदमा पंजीकृत कराकर छात्र की तलाश कराई जायेगी।
मृतक देवेंद्र के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। विभिन्न बिंदुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच शुरू करा दी गई है। - डा. ओपी सिंह, एएसपी, हापुड़